22 अक्टूबर 2027 को टोरंटो का पंचांग

शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2027, टोरंटो, कनाडा। समय America/Toronto में है।

शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2027 को टोरंटो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (00:29, 23 अक्टू॰ तक), नक्षत्र पुनर्वसु (10:55 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 07:40 पर और सूर्यास्त 18:23 पर है। राहुकाल 11:41 से 13:01 तक है।

दिन और रात
दिन 07:40 – 18:23
रात 07:41 तक
तिथि
अष्टमी, 00:29 तक
नवमी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 10:55 तक
पुष्य
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 00:29, 23 अक्टू॰ तक
कृष्ण नवमी 22:23, 23 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 09:37, 23 अक्टू॰ तक
योग
सिद्ध 14:00 तक
साध्य 11:12, 23 अक्टू॰ तक
करण
बालव 13:29 तक
कौलव 00:29, 23 अक्टू॰ तक
तैतिल 11:27, 23 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:40
सूर्यास्त
18:23
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
14:46
दिनमान
10h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:54 – 06:47
अभिजीत मुहूर्त
12:40 – 13:23

अशुभ समय

राहुकाल
11:41 – 13:01
यमगंड
15:42 – 17:02
गुलिक काल
09:00 – 10:20

22 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:40 – 09:00सामान्य
लाभ09:00 – 10:20शुभ
अमृत10:20 – 11:41शुभ
काल11:41 – 13:01टालें
शुभ13:01 – 14:22शुभ
रोग14:22 – 15:42टालें
उद्वेग15:42 – 17:02टालें
चर17:02 – 18:23सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:23 – 20:02टालें
काल20:02 – 21:42टालें
लाभ21:42 – 23:22शुभ
उद्वेग23:22 – 01:02टालें
शुभ01:02 – 02:42शुभ
अमृत02:42 – 04:21शुभ
चर04:21 – 06:01सामान्य
रोग06:01 – 07:41टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:4008:33दिन
बुध08:3309:27दिन
चंद्र09:2710:20दिन
शनि10:2011:14दिन
गुरु11:1412:08दिन
मंगल12:0813:01दिन
सूर्य13:0113:55दिन
शुक्र13:5514:48दिन
बुध14:4815:42दिन
चंद्र15:4216:35दिन
शनि16:3517:29दिन
गुरु17:2918:23दिन
मंगल18:2319:29रात
सूर्य19:2920:36रात
शुक्र20:3621:42रात
बुध21:4222:49रात
चंद्र22:4923:55रात
शनि23:5501:02रात
गुरु01:0202:08रात
मंगल02:0803:15रात
सूर्य03:1504:21रात
शुक्र04:2105:28रात
बुध05:2806:34रात
चंद्र06:3407:41रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
22 अक्टू॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
25 अक्टू॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 अक्टू॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 अक्टू॰ 2027कार्तिक अमावस्याअमावस्या
1 नव॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
9 नव॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
11 नव॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
13 नव॰ 2027कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
16 नव॰ 2027वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
17 नव॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
20 नव॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां टोरंटो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2455° (लाहिड़ी)। समय टोरंटो (America/Toronto) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।