6 नवंबर 2027 को टोरंटो का पंचांग

शनिवार, 6 नवंबर 2027, टोरंटो, कनाडा। समय America/Toronto में है।

शनिवार, 6 नवंबर 2027 को टोरंटो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (17:20 तक), नक्षत्र श्रवण (11:56 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 07:59 पर और सूर्यास्त 18:02 पर है। राहुकाल 10:30 से 11:45 तक है।

दिन और रात
दिन 07:59 – 18:02
रात 07:00 तक
तिथि
अष्टमी, 17:20 तक
नवमी
नक्षत्र
श्रवण, 11:56 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 नवंबर 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 17:20 तक
शुक्ल नवमी 18:54, 7 नव॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 11:56 तक
धनिष्ठा 14:00, 7 नव॰ तक
योग
गंडअशुभ 12:23 तक
वृद्धि 12:20, 7 नव॰ तक
करण
बव 17:20 तक
बालव 05:39, 7 नव॰ तक
कौलव 18:54, 7 नव॰ तक
चंद्र राशि
मकर 01:29, 7 नव॰ तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:59
सूर्यास्त
18:02
चंद्रोदय
14:34
चंद्रास्त
00:05
दिनमान
10h 2m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
06:08 – 07:03
अभिजीत मुहूर्त
12:40 – 13:20

अशुभ समय

राहुकाल
10:30 – 11:45
यमगंड
14:16 – 15:31
गुलिक काल
07:59 – 09:14

6 नवंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:59 – 09:14टालें
शुभ09:14 – 10:30शुभ
रोग10:30 – 11:45टालें
उद्वेग11:45 – 13:00टालें
चर13:00 – 14:16सामान्य
लाभ14:16 – 15:31शुभ
अमृत15:31 – 16:46शुभ
काल16:46 – 18:02टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:02 – 19:46शुभ
उद्वेग19:46 – 21:31टालें
शुभ21:31 – 23:16शुभ
अमृत23:16 – 01:01शुभ
चर01:01 – 01:46सामान्य
रोग01:46 – 03:31टालें
काल03:31 – 05:16टालें
लाभ05:16 – 07:00शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:5908:49दिन
गुरु08:4909:40दिन
मंगल09:4010:30दिन
सूर्य10:3011:20दिन
शुक्र11:2012:10दिन
बुध12:1013:00दिन
चंद्र13:0013:51दिन
शनि13:5114:41दिन
गुरु14:4115:31दिन
मंगल15:3116:21दिन
सूर्य16:2117:11दिन
शुक्र17:1118:02दिन
बुध18:0219:12रात
चंद्र19:1220:21रात
शनि20:2121:31रात
गुरु21:3122:41रात
मंगल22:4123:51रात
सूर्य23:5101:01रात
शुक्र01:0101:11रात
बुध01:1102:21रात
चंद्र02:2103:31रात
शनि03:3104:41रात
गुरु04:4105:51रात
मंगल05:5107:00रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
9 नव॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
11 नव॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
13 नव॰ 2027कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
16 नव॰ 2027वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
17 नव॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
20 नव॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
23 नव॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
25 नव॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
27 नव॰ 2027मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
1 दिस॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां टोरंटो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2461° (लाहिड़ी)। समय टोरंटो (America/Toronto) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।