8 नवंबर 2027 को टोरंटो का पंचांग

सोमवार, 8 नवंबर 2027, टोरंटो, कनाडा। समय America/Toronto में है।

सोमवार, 8 नवंबर 2027 को टोरंटो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (21:05 तक), नक्षत्र शतभिषा (16:44 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 07:02 पर और सूर्यास्त 16:59 पर है। राहुकाल 08:16 से 09:31 तक है।

दिन और रात
दिन 07:02 – 16:59
रात 07:03 तक
तिथि
दशमी, 21:05 तक
एकादशी
नक्षत्र
शतभिषा, 16:44 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 नवंबर 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल दशमी 21:05 तक
शुक्ल एकादशी 22:41, 9 नव॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 16:44 तक
योग
ध्रुव 13:02 तक
व्याघातअशुभ 13:21, 9 नव॰ तक
करण
तैतिल 08:03 तक
गर 21:05 तक
वणिज 09:58, 9 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:02
सूर्यास्त
16:59
चंद्रोदय
14:14
चंद्रास्त
01:11
दिनमान
9h 57m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:10 – 06:06
अभिजीत मुहूर्त
11:41 – 12:20

अशुभ समय

राहुकाल
08:16 – 09:31
यमगंड
10:46 – 12:01
गुलिक काल
13:15 – 14:30

8 नवंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:02 – 08:16शुभ
काल08:16 – 09:31टालें
शुभ09:31 – 10:46शुभ
रोग10:46 – 12:01टालें
उद्वेग12:01 – 13:15टालें
चर13:15 – 14:30सामान्य
लाभ14:30 – 15:45शुभ
अमृत15:45 – 16:59शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर16:59 – 18:45सामान्य
रोग18:45 – 20:30टालें
काल20:30 – 22:16टालें
लाभ22:16 – 00:01शुभ
उद्वेग00:01 – 01:47टालें
शुभ01:47 – 03:32शुभ
अमृत03:32 – 05:18शुभ
चर05:18 – 07:03सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:0207:52दिन
शनि07:5208:41दिन
गुरु08:4109:31दिन
मंगल09:3110:21दिन
सूर्य10:2111:11दिन
शुक्र11:1112:01दिन
बुध12:0112:50दिन
चंद्र12:5013:40दिन
शनि13:4014:30दिन
गुरु14:3015:20दिन
मंगल15:2016:09दिन
सूर्य16:0916:59दिन
शुक्र16:5918:10रात
बुध18:1019:20रात
चंद्र19:2020:30रात
शनि20:3021:41रात
गुरु21:4122:51रात
मंगल22:5100:01रात
सूर्य00:0101:11रात
शुक्र01:1102:22रात
बुध02:2203:32रात
चंद्र03:3204:42रात
शनि04:4205:53रात
गुरु05:5307:03रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
9 नव॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
11 नव॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
13 नव॰ 2027कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
16 नव॰ 2027वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
17 नव॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
20 नव॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
23 नव॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
25 नव॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
27 नव॰ 2027मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
1 दिस॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां टोरंटो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2461° (लाहिड़ी)। समय टोरंटो (America/Toronto) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।