10 जनवरी 2028 को टोरंटो का पंचांग

सोमवार, 10 जनवरी 2028, टोरंटो, कनाडा। समय America/Toronto में है।

सोमवार, 10 जनवरी 2028 को टोरंटो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (02:16, 11 जन॰ तक), नक्षत्र मृगशिरा (13:45 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 07:50 पर और सूर्यास्त 17:00 पर है। राहुकाल 08:58 से 10:07 तक है।

दिन और रात
दिन 07:50 – 17:00
रात 07:49 तक
तिथि
चतुर्दशी, 02:16 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
मृगशिरा, 13:45 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 जनवरी 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 02:16, 11 जन॰ तक
पूर्णिमा 23:03, 11 जन॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 11:27, 11 जन॰ तक
योग
ब्रह्म 15:06 तक
इंद्र 11:23, 11 जन॰ तक
करण
गर 15:44 तक
वणिज 02:16, 11 जन॰ तक
विष्टि (भद्रा) 12:41, 11 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:50
सूर्यास्त
17:00
चंद्रोदय
15:15
चंद्रास्त
06:36
दिनमान
9h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:51 – 06:50
अभिजीत मुहूर्त
12:06 – 12:43

अशुभ समय

राहुकाल
08:58 – 10:07
यमगंड
11:16 – 12:25
गुलिक काल
13:33 – 14:42

10 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:50 – 08:58शुभ
काल08:58 – 10:07टालें
शुभ10:07 – 11:16शुभ
रोग11:16 – 12:25टालें
उद्वेग12:25 – 13:33टालें
चर13:33 – 14:42सामान्य
लाभ14:42 – 15:51शुभ
अमृत15:51 – 17:00शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:00 – 18:51सामान्य
रोग18:51 – 20:42टालें
काल20:42 – 22:33टालें
लाभ22:33 – 00:24शुभ
उद्वेग00:24 – 02:16टालें
शुभ02:16 – 04:07शुभ
अमृत04:07 – 05:58शुभ
चर05:58 – 07:49सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:5008:35दिन
शनि08:3509:21दिन
गुरु09:2110:07दिन
मंगल10:0710:53दिन
सूर्य10:5311:39दिन
शुक्र11:3912:25दिन
बुध12:2513:10दिन
चंद्र13:1013:56दिन
शनि13:5614:42दिन
गुरु14:4215:28दिन
मंगल15:2816:14दिन
सूर्य16:1417:00दिन
शुक्र17:0018:14रात
बुध18:1419:28रात
चंद्र19:2820:42रात
शनि20:4221:56रात
गुरु21:5623:10रात
मंगल23:1000:24रात
सूर्य00:2401:39रात
शुक्र01:3902:53रात
बुध02:5304:07रात
चंद्र04:0705:21रात
शनि05:2106:35रात
गुरु06:3507:49रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
11 जन॰ 2028पौष पूर्णिमापूर्णिमा
14 जन॰ 2028मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
15 जन॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
18 जन॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
21 जन॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
23 जन॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
26 जन॰ 2028माघ अमावस्याअमावस्या
30 जन॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
6 फ़र॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
8 फ़र॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी

तिथियां टोरंटो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2486° (लाहिड़ी)। समय टोरंटो (America/Toronto) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।