21 अक्टूबर 2028 को टोरंटो का पंचांग

शनिवार, 21 अक्टूबर 2028, टोरंटो, कनाडा। समय America/Toronto में है।

शनिवार, 21 अक्टूबर 2028 को टोरंटो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (12:18 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (01:31, 22 अक्टू॰ तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 07:39 पर और सूर्यास्त 18:23 पर है। राहुकाल 10:20 से 11:41 तक है।

दिन और रात
दिन 07:39 – 18:23
रात 07:41 तक
तिथि
चतुर्थी, 12:18 तक
पंचमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 01:31 तक
मूल
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 12:18 तक
शुक्ल पंचमी 11:24, 22 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 01:31, 22 अक्टू॰ तक
मूल 01:46, 23 अक्टू॰ तक
योग
शोभन 04:09, 22 अक्टू॰ तक
अतिगंडअशुभ 02:46, 23 अक्टू॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 12:18 तक
बव 23:45 तक
बालव 11:24, 22 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
वृश्चिक 01:31, 22 अक्टू॰ तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:39
सूर्यास्त
18:23
चंद्रोदय
12:04
चंद्रास्त
20:48
दिनमान
10h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:53 – 06:46
अभिजीत मुहूर्त
12:40 – 13:23

अशुभ समय

राहुकाल
10:20 – 11:41
यमगंड
14:22 – 15:42
गुलिक काल
07:39 – 09:00

21 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:39 – 09:00टालें
शुभ09:00 – 10:20शुभ
रोग10:20 – 11:41टालें
उद्वेग11:41 – 13:01टालें
चर13:01 – 14:22सामान्य
लाभ14:22 – 15:42शुभ
अमृत15:42 – 17:03शुभ
काल17:03 – 18:23टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:23 – 20:03शुभ
उद्वेग20:03 – 21:42टालें
शुभ21:42 – 23:22शुभ
अमृत23:22 – 01:02शुभ
चर01:02 – 02:42सामान्य
रोग02:42 – 04:21टालें
काल04:21 – 06:01टालें
लाभ06:01 – 07:41शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:3908:33दिन
गुरु08:3309:27दिन
मंगल09:2710:20दिन
सूर्य10:2011:14दिन
शुक्र11:1412:08दिन
बुध12:0813:01दिन
चंद्र13:0113:55दिन
शनि13:5514:48दिन
गुरु14:4815:42दिन
मंगल15:4216:36दिन
सूर्य16:3617:29दिन
शुक्र17:2918:23दिन
बुध18:2319:29रात
चंद्र19:2920:36रात
शनि20:3621:42रात
गुरु21:4222:49रात
मंगल22:4923:55रात
सूर्य23:5501:02रात
शुक्र01:0202:08रात
बुध02:0803:15रात
चंद्र03:1504:21रात
शनि04:2105:28रात
गुरु05:2806:34रात
मंगल06:3407:41रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
21 अक्टू॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 अक्टू॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 अक्टू॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 नव॰ 2028कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
6 नव॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
9 नव॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
12 नव॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 नव॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
15 नव॰ 2028वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
16 नव॰ 2028मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
19 नव॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां टोरंटो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2595° (लाहिड़ी)। समय टोरंटो (America/Toronto) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।