31 अक्टूबर 2028 को टोरंटो का पंचांग

मंगलवार, 31 अक्टूबर 2028, टोरंटो, कनाडा। समय America/Toronto में है।

मंगलवार, 31 अक्टूबर 2028 को टोरंटो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (03:38, 1 नव॰ तक), नक्षत्र रेवती (21:24 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 07:52 पर और सूर्यास्त 18:08 पर है। राहुकाल 15:34 से 16:51 तक है।

दिन और रात
दिन 07:52 – 18:08
रात 07:54 तक
तिथि
चतुर्दशी, 03:38 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
रेवती, 21:24 तक
अश्विनी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 03:38, 1 नव॰ तक
पूर्णिमा 05:17, 2 नव॰ तक
नक्षत्र
रेवती 21:24 तक
अश्विनी 23:39, 1 नव॰ तक
योग
वज्रअशुभ 06:44, 1 नव॰ तक
सिद्धि 06:53, 2 नव॰ तक
करण
गर 14:41 तक
वणिज 03:38, 1 नव॰ तक
विष्टि (भद्रा) 16:30, 1 नव॰ तक
चंद्र राशि
मीन 21:24 तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:52
सूर्यास्त
18:08
चंद्रोदय
16:57
चंद्रास्त
06:12
दिनमान
10h 16m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
06:03 – 06:57
अभिजीत मुहूर्त
12:40 – 13:21

अशुभ समय

राहुकाल
15:34 – 16:51
यमगंड
10:26 – 11:43
गुलिक काल
13:00 – 14:17

31 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:52 – 09:09टालें
उद्वेग09:09 – 10:26टालें
चर10:26 – 11:43सामान्य
लाभ11:43 – 13:00शुभ
अमृत13:00 – 14:17शुभ
काल14:17 – 15:34टालें
शुभ15:34 – 16:51शुभ
रोग16:51 – 18:08टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:08 – 19:52टालें
लाभ19:52 – 21:35शुभ
उद्वेग21:35 – 23:18टालें
शुभ23:18 – 01:01शुभ
अमृत01:01 – 02:44शुभ
चर02:44 – 04:27सामान्य
रोग04:27 – 06:10टालें
काल06:10 – 07:54टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:5208:44दिन
सूर्य08:4409:35दिन
शुक्र09:3510:26दिन
बुध10:2611:18दिन
चंद्र11:1812:09दिन
शनि12:0913:00दिन
गुरु13:0013:52दिन
मंगल13:5214:43दिन
सूर्य14:4315:34दिन
शुक्र15:3416:26दिन
बुध16:2617:17दिन
चंद्र17:1718:08दिन
शनि18:0819:17रात
गुरु19:1720:26रात
मंगल20:2621:35रात
सूर्य21:3522:43रात
शुक्र22:4323:52रात
बुध23:5201:01रात
चंद्र01:0102:10रात
शनि02:1003:19रात
गुरु03:1904:27रात
मंगल04:2705:36रात
सूर्य05:3606:45रात
शुक्र06:4507:54रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
1 नव॰ 2028कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
6 नव॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
9 नव॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
12 नव॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 नव॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
15 नव॰ 2028वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
16 नव॰ 2028मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
19 नव॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
27 नव॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
29 नव॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी

तिथियां टोरंटो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2598° (लाहिड़ी)। समय टोरंटो (America/Toronto) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।