16 अक्टूबर 2029 को टोरंटो का पंचांग

मंगलवार, 16 अक्टूबर 2029, टोरंटो, कनाडा। समय America/Toronto में है।

मंगलवार, 16 अक्टूबर 2029 को टोरंटो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (19:53 तक), नक्षत्र श्रवण (07:52 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 07:33 पर और सूर्यास्त 18:31 पर है। राहुकाल 15:47 से 17:09 तक है।

दिन और रात
दिन 07:33 – 18:31
रात 07:34 तक
तिथि
दशमी, 19:53 तक
एकादशी
नक्षत्र
धनिष्ठा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल दशमी 19:53 तक
शुक्ल एकादशी 21:08, 17 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 07:52 तक
धनिष्ठा 09:28, 17 अक्टू॰ तक
योग
शूलअशुभ 21:13 तक
गंडअशुभ 21:07, 17 अक्टू॰ तक
करण
गर 19:53 तक
वणिज 08:27, 17 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
मकर 20:36 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:33
सूर्यास्त
18:31
चंद्रोदय
15:47
चंद्रास्त
01:49
दिनमान
10h 58m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:49 – 06:41
अभिजीत मुहूर्त
12:40 – 13:24

अशुभ समय

राहुकाल
15:47 – 17:09
यमगंड
10:18 – 11:40
गुलिक काल
13:02 – 14:24

16 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:33 – 08:55टालें
उद्वेग08:55 – 10:18टालें
चर10:18 – 11:40सामान्य
लाभ11:40 – 13:02शुभ
अमृत13:02 – 14:24शुभ
काल14:24 – 15:47टालें
शुभ15:47 – 17:09शुभ
रोग17:09 – 18:31टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:31 – 20:09टालें
लाभ20:09 – 21:47शुभ
उद्वेग21:47 – 23:25टालें
शुभ23:25 – 01:03शुभ
अमृत01:03 – 02:41शुभ
चर02:41 – 04:18सामान्य
रोग04:18 – 05:56टालें
काल05:56 – 07:34टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:3308:28दिन
सूर्य08:2809:23दिन
शुक्र09:2310:18दिन
बुध10:1811:12दिन
चंद्र11:1212:07दिन
शनि12:0713:02दिन
गुरु13:0213:57दिन
मंगल13:5714:52दिन
सूर्य14:5215:47दिन
शुक्र15:4716:42दिन
बुध16:4217:37दिन
चंद्र17:3718:31दिन
शनि18:3119:37रात
गुरु19:3720:42रात
मंगल20:4221:47रात
सूर्य21:4722:52रात
शुक्र22:5223:58रात
बुध23:5801:03रात
चंद्र01:0302:08रात
शनि02:0803:13रात
गुरु03:1304:18रात
मंगल04:1805:24रात
सूर्य05:2406:29रात
शुक्र06:2907:34रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
17 अक्टू॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
17 अक्टू॰ 2029तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
19 अक्टू॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
21 अक्टू॰ 2029आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
26 अक्टू॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
30 अक्टू॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 नव॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 नव॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
5 नव॰ 2029कार्तिक अमावस्याअमावस्या
9 नव॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां टोरंटो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2732° (लाहिड़ी)। समय टोरंटो (America/Toronto) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।