12 मार्च 2025 को वैंकूवर का पंचांग

बुधवार, 12 मार्च 2025, वैंकूवर, कनाडा। समय America/Vancouver में है।

बुधवार, 12 मार्च 2025 को वैंकूवर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (22:06 तक), नक्षत्र मघा (15:35 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 07:31 पर और सूर्यास्त 19:13 पर है। राहुकाल 13:22 से 14:50 तक है।

दिन और रात
दिन 07:31 – 19:13
रात 07:29 तक
तिथि
चतुर्दशी, 22:06 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
मघा, 15:35 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 मार्च 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 22:06 तक
पूर्णिमा 23:54, 13 मार्च तक
नक्षत्र
मघा 15:35 तक
पूर्वा फाल्गुनी 17:49, 13 मार्च तक
योग
धृति 00:32, 13 मार्च तक
शूलअशुभ 00:53, 14 मार्च तक
करण
गर 09:21 तक
वणिज 22:06 तक
विष्टि (भद्रा) 10:57, 13 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:31
सूर्यास्त
19:13
चंद्रोदय
17:46
चंद्रास्त
07:12
दिनमान
11h 42m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:52 – 06:41
अभिजीत मुहूर्त
12:59 – 13:45 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
13:22 – 14:50
यमगंड
08:59 – 10:26
गुलिक काल
11:54 – 13:22

12 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:31 – 08:59शुभ
अमृत08:59 – 10:26शुभ
काल10:26 – 11:54टालें
शुभ11:54 – 13:22शुभ
रोग13:22 – 14:50टालें
उद्वेग14:50 – 16:18टालें
चर16:18 – 17:45सामान्य
लाभ17:45 – 19:13शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग19:13 – 20:45टालें
शुभ20:45 – 22:17शुभ
अमृत22:17 – 23:49शुभ
चर23:49 – 01:21सामान्य
रोग01:21 – 02:53टालें
काल02:53 – 04:25टालें
लाभ04:25 – 05:57शुभ
उद्वेग05:57 – 07:29टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:3108:29दिन
चंद्र08:2909:28दिन
शनि09:2810:26दिन
गुरु10:2611:25दिन
मंगल11:2512:23दिन
सूर्य12:2313:22दिन
शुक्र13:2214:21दिन
बुध14:2115:19दिन
चंद्र15:1916:18दिन
शनि16:1817:16दिन
गुरु17:1618:15दिन
मंगल18:1519:13दिन
सूर्य19:1320:14रात
शुक्र20:1421:16रात
बुध21:1622:17रात
चंद्र22:1723:18रात
शनि23:1800:20रात
गुरु00:2001:21रात
मंगल01:2102:22रात
सूर्य02:2203:23रात
शुक्र03:2304:25रात
बुध04:2505:26रात
चंद्र05:2606:27रात
शनि06:2707:29रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
13 मार्च 2025फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
14 मार्च 2025मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
17 मार्च 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
22 मार्च 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
25 मार्च 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 मार्च 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
28 मार्च 2025चैत्र अमावस्याअमावस्या
1 अप्रैल 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
8 अप्रैल 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
10 अप्रैल 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी

तिथियां वैंकूवर में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2090° (लाहिड़ी)। समय वैंकूवर (America/Vancouver) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।