11 नवंबर 2026 को वैंकूवर का पंचांग

बुधवार, 11 नवंबर 2026, वैंकूवर, कनाडा। समय America/Vancouver में है।

बुधवार, 11 नवंबर 2026 को वैंकूवर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (05:39, 12 नव॰ तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (01:49, 12 नव॰ तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 08:16 पर और सूर्यास्त 17:35 पर है। राहुकाल 12:56 से 14:06 तक है।

दिन और रात
दिन 08:16 – 17:35
रात 08:18 तक
तिथि
तृतीया, 05:39 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 01:49 तक
मूल
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 नवंबर 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 05:39, 12 नव॰ तक
शुक्ल चतुर्थी 08:13, 13 नव॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 01:49, 12 नव॰ तक
मूल 04:47, 13 नव॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 15:10 तक
सुकर्मा 15:56, 12 नव॰ तक
करण
तैतिल 16:29 तक
गर 05:39, 12 नव॰ तक
वणिज 18:54, 12 नव॰ तक
चंद्र राशि
वृश्चिक 01:49, 12 नव॰ तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
08:16
सूर्यास्त
17:35
चंद्रोदय
11:19
चंद्रास्त
18:35
दिनमान
9h 19m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
06:19 – 07:18
अभिजीत मुहूर्त
12:37 – 13:14 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:56 – 14:06
यमगंड
09:26 – 10:36
गुलिक काल
11:46 – 12:56

11 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ08:16 – 09:26शुभ
अमृत09:26 – 10:36शुभ
काल10:36 – 11:46टालें
शुभ11:46 – 12:56शुभ
रोग12:56 – 14:06टालें
उद्वेग14:06 – 15:15टालें
चर15:15 – 16:25सामान्य
लाभ16:25 – 17:35शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:35 – 19:26टालें
शुभ19:26 – 21:16शुभ
अमृत21:16 – 23:06शुभ
चर23:06 – 00:57सामान्य
रोग00:57 – 02:47टालें
काल02:47 – 04:37टालें
लाभ04:37 – 06:28शुभ
उद्वेग06:28 – 08:18टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध08:1609:03दिन
चंद्र09:0309:49दिन
शनि09:4910:36दिन
गुरु10:3611:23दिन
मंगल11:2312:09दिन
सूर्य12:0912:56दिन
शुक्र12:5613:42दिन
बुध13:4214:29दिन
चंद्र14:2915:15दिन
शनि15:1516:02दिन
गुरु16:0216:49दिन
मंगल16:4917:35दिन
सूर्य17:3518:49रात
शुक्र18:4920:02रात
बुध20:0221:16रात
चंद्र21:1622:29रात
शनि22:2923:43रात
गुरु23:4300:57रात
मंगल00:5702:10रात
सूर्य02:1003:24रात
शुक्र03:2404:37रात
बुध04:3705:51रात
चंद्र05:5107:04रात
शनि07:0408:18रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
12 नव॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 नव॰ 2026वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
20 नव॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
22 नव॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
23 नव॰ 2026कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
27 नव॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
1 दिस॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
4 दिस॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
6 दिस॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
8 दिस॰ 2026मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या

तिथियां वैंकूवर में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2323° (लाहिड़ी)। समय वैंकूवर (America/Vancouver) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।