14 जनवरी 2028 को वैंकूवर का पंचांग

शुक्रवार, 14 जनवरी 2028, वैंकूवर, कनाडा। समय America/Vancouver में है।

शुक्रवार, 14 जनवरी 2028 को वैंकूवर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (10:47 तक), नक्षत्र मघा (22:55 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 09:02 पर और सूर्यास्त 17:40 पर है। राहुकाल 12:16 से 13:21 तक है।

दिन और रात
दिन 09:02 – 17:40
रात 09:02 तक
तिथि
चतुर्थी, 07:40 तक
पंचमी
नक्षत्र
मघा, 22:55 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 जनवरी 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 10:47 तक
कृष्ण चतुर्थी 07:40, 15 जन॰ तक
कृष्ण पंचमी 04:57, 16 जन॰ तक
नक्षत्र
मघा 22:55 तक
योग
आयुष्मान 17:21 तक
सौभाग्य 13:40, 15 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 10:47 तक
बव 21:11 तक
बालव 07:40, 15 जन॰ तक
कौलव 18:15, 15 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
09:02
सूर्यास्त
17:40
चंद्रोदय
21:37
चंद्रास्त
10:24
दिनमान
8h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
06:59 – 08:01
अभिजीत मुहूर्त
13:04 – 13:38

अशुभ समय

राहुकाल
12:16 – 13:21
यमगंड
15:31 – 16:35
गुलिक काल
10:07 – 11:12

14 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर09:02 – 10:07सामान्य
लाभ10:07 – 11:12शुभ
अमृत11:12 – 12:16शुभ
काल12:16 – 13:21टालें
शुभ13:21 – 14:26शुभ
रोग14:26 – 15:31टालें
उद्वेग15:31 – 16:35टालें
चर16:35 – 17:40सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:40 – 19:35टालें
काल19:35 – 21:30टालें
लाभ21:30 – 23:26शुभ
उद्वेग23:26 – 01:21टालें
शुभ01:21 – 03:16शुभ
अमृत03:16 – 05:11शुभ
चर05:11 – 07:06सामान्य
रोग07:06 – 09:02टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र09:0209:46दिन
बुध09:4610:29दिन
चंद्र10:2911:12दिन
शनि11:1211:55दिन
गुरु11:5512:38दिन
मंगल12:3813:21दिन
सूर्य13:2114:04दिन
शुक्र14:0414:47दिन
बुध14:4715:31दिन
चंद्र15:3116:14दिन
शनि16:1416:57दिन
गुरु16:5717:40दिन
मंगल17:4018:57रात
सूर्य18:5720:14रात
शुक्र20:1421:30रात
बुध21:3022:47रात
चंद्र22:4700:04रात
शनि00:0401:21रात
गुरु01:2102:38रात
मंगल02:3803:54रात
सूर्य03:5405:11रात
शुक्र05:1106:28रात
बुध06:2807:45रात
चंद्र07:4509:02रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
14 जन॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
14 जन॰ 2028मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
18 जन॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
21 जन॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
23 जन॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
25 जन॰ 2028माघ अमावस्याअमावस्या
30 जन॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
6 फ़र॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
8 फ़र॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
9 फ़र॰ 2028माघ पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां वैंकूवर में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2487° (लाहिड़ी)। समय वैंकूवर (America/Vancouver) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।