4 जनवरी 2029 को वैंकूवर का पंचांग

गुरुवार, 4 जनवरी 2029, वैंकूवर, कनाडा। समय America/Vancouver में है।

गुरुवार, 4 जनवरी 2029 को वैंकूवर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (00:01, 5 जन॰ तक), नक्षत्र मघा (11:13 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 09:07 पर और सूर्यास्त 17:28 पर है। राहुकाल 14:20 से 15:23 तक है।

दिन और रात
दिन 09:07 – 17:28
रात 09:06 तक
तिथि
पंचमी, 00:01 तक
षष्ठी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
शुभ
रोग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 जनवरी 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 00:01, 5 जन॰ तक
कृष्ण षष्ठी 21:43, 5 जन॰ तक
नक्षत्र
मघा 11:13 तक
योग
आयुष्मान 21:01 तक
सौभाग्य 17:55, 5 जन॰ तक
करण
कौलव 13:10 तक
तैतिल 00:01, 5 जन॰ तक
गर 10:52, 5 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
09:07
सूर्यास्त
17:28
चंद्रोदय
23:00
चंद्रास्त
11:05
दिनमान
8h 21m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
07:01 – 08:04
अभिजीत मुहूर्त
13:01 – 13:34

अशुभ समय

राहुकाल
14:20 – 15:23
यमगंड
09:07 – 10:09
गुलिक काल
11:12 – 12:15

4 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ09:07 – 10:09शुभ
रोग10:09 – 11:12टालें
उद्वेग11:12 – 12:15टालें
चर12:15 – 13:17सामान्य
लाभ13:17 – 14:20शुभ
अमृत14:20 – 15:23शुभ
काल15:23 – 16:25टालें
शुभ16:25 – 17:28शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:28 – 19:25शुभ
चर19:25 – 21:23सामान्य
रोग21:23 – 23:20टालें
काल23:20 – 01:17टालें
लाभ01:17 – 03:14शुभ
उद्वेग03:14 – 05:12टालें
शुभ05:12 – 07:09शुभ
अमृत07:09 – 09:06शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु09:0709:48दिन
मंगल09:4810:30दिन
सूर्य10:3011:12दिन
शुक्र11:1211:54दिन
बुध11:5412:36दिन
चंद्र12:3613:17दिन
शनि13:1713:59दिन
गुरु13:5914:41दिन
मंगल14:4115:23दिन
सूर्य15:2316:04दिन
शुक्र16:0416:46दिन
बुध16:4617:28दिन
चंद्र17:2818:46रात
शनि18:4620:04रात
गुरु20:0421:23रात
मंगल21:2322:41रात
सूर्य22:4123:59रात
शुक्र23:5901:17रात
बुध01:1702:35रात
चंद्र02:3503:54रात
शनि03:5405:12रात
गुरु05:1206:30रात
मंगल06:3007:48रात
सूर्य07:4809:06रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
7 जन॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
10 जन॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
12 जन॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
13 जन॰ 2029मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
14 जन॰ 2029माघ अमावस्याअमावस्या
18 जन॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
25 जन॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
27 जन॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
29 जन॰ 2029माघ पूर्णिमापूर्णिमा
2 फ़र॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां वैंकूवर में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2623° (लाहिड़ी)। समय वैंकूवर (America/Vancouver) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।