25 मार्च 2028 को वॉशिंगटन डी.सी. का पंचांग

शनिवार, 25 मार्च 2028, वॉशिंगटन डी.सी., संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

शनिवार, 25 मार्च 2028 को वॉशिंगटन डी.सी. में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (00:31, 26 मार्च तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (07:41 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 07:02 पर और सूर्यास्त 19:25 पर है। राहुकाल 10:08 से 11:41 तक है।

दिन और रात
दिन 07:02 – 19:25
रात 07:01 तक
तिथि
अमावस्या, 00:31 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 मार्च 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
अमावस्या 00:31, 26 मार्च तक
शुक्ल प्रतिपदा 02:13, 27 मार्च तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 10:09, 26 मार्च तक
योग
शुक्ल 17:57 तक
ब्रह्म 18:18, 26 मार्च तक
करण
चतुष्पद 11:31 तक
नाग 00:31, 26 मार्च तक
किंस्तुघ्न 13:25, 26 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:02
सूर्यास्त
19:25
चंद्रोदय
06:28
चंद्रास्त
19:14
दिनमान
12h 23m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:29 – 06:16
अभिजीत मुहूर्त
12:49 – 13:38

अशुभ समय

राहुकाल
10:08 – 11:41
यमगंड
14:47 – 16:19
गुलिक काल
07:02 – 08:35

25 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:02 – 08:35टालें
शुभ08:35 – 10:08शुभ
रोग10:08 – 11:41टालें
उद्वेग11:41 – 13:14टालें
चर13:14 – 14:47सामान्य
लाभ14:47 – 16:19शुभ
अमृत16:19 – 17:52शुभ
काल17:52 – 19:25टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ19:25 – 20:52शुभ
उद्वेग20:52 – 22:19टालें
शुभ22:19 – 23:46शुभ
अमृत23:46 – 01:13शुभ
चर01:13 – 02:40सामान्य
रोग02:40 – 04:07टालें
काल04:07 – 05:34टालें
लाभ05:34 – 07:01शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:0208:04दिन
गुरु08:0409:06दिन
मंगल09:0610:08दिन
सूर्य10:0811:10दिन
शुक्र11:1012:12दिन
बुध12:1213:14दिन
चंद्र13:1414:16दिन
शनि14:1615:17दिन
गुरु15:1716:19दिन
मंगल16:1917:21दिन
सूर्य17:2118:23दिन
शुक्र18:2319:25दिन
बुध19:2520:23रात
चंद्र20:2321:21रात
शनि21:2122:19रात
गुरु22:1923:17रात
मंगल23:1700:15रात
सूर्य00:1501:13रात
शुक्र01:1302:11रात
बुध02:1103:09रात
चंद्र03:0904:07रात
शनि04:0705:05रात
गुरु05:0506:03रात
मंगल06:0307:01रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
25 मार्च 2028चैत्र अमावस्याअमावस्या
29 मार्च 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
5 अप्रैल 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
7 अप्रैल 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
8 अप्रैल 2028चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
12 अप्रैल 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
13 अप्रैल 2028मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
16 अप्रैल 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
20 अप्रैल 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
22 अप्रैल 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी

तिथियां वॉशिंगटन डी.सी. में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2514° (लाहिड़ी)। समय वॉशिंगटन डी.सी. (America/New_York) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।