कृत्तिका नक्षत्र
कृत्तिका हे पवित्र अग्नीचे, अग्निदेवाचे नक्षत्र असून त्याचे प्रतीक वस्तरा आहे. ते गोंधळ छेदून टाकते आणि धैर्य, तीक्ष्ण बुद्धी व उच्च मापदंड देते.
वैशिष्ट्ये
- तीक्ष्ण आणि तत्त्वनिष्ठ
- धाडसी
- रक्षण करणारे
- टीकात्मक
अनुकूल करिअर
- लष्कर
- पाककला आणि अन्न
- समीक्षा आणि संपादन
- धातुकाम
चरण
| चरण | रास | विस्तार | नवांश | नावाचे अक्षर |
|---|
| 1 | मेष | 26° 40′ 00″ – 30° 00′ 00″ | धनु | A |
| 2 | वृषभ | 0° 00′ 00″ – 3° 20′ 00″ | मकर | I |
| 3 | वृषभ | 3° 20′ 00″ – 6° 40′ 00″ | कुंभ | U |
| 4 | वृषभ | 6° 40′ 00″ – 10° 00′ 00″ | मीन | E |
मागील: भरणी. पुढील: रोहिणी.