रोहिणी नक्षत्र
स्वामी चंद्र आणि देवता ब्रह्मदेव असलेले रोहिणी हे चंद्राचे सर्वात आवडते नक्षत्र आहे. ते सौंदर्य, सुपीकता, आकर्षण आणि सुखसोयी व वाढीची आवड देते.
वैशिष्ट्ये
- आकर्षक आणि कलासक्त
- स्थिर
- रसिक
- मालकीहक्क गाजवणारे
अनुकूल करिअर
- फॅशन आणि सौंदर्य
- शेती
- संगीत आणि कला
- आतिथ्य
चरण
| चरण | रास | विस्तार | नवांश | नावाचे अक्षर |
|---|
| 1 | वृषभ | 10° 00′ 00″ – 13° 20′ 00″ | मेष | O |
| 2 | वृषभ | 13° 20′ 00″ – 16° 40′ 00″ | वृषभ | Va |
| 3 | वृषभ | 16° 39′ 59″ – 20° 00′ 00″ | मिथुन | Vi |
| 4 | वृषभ | 20° 00′ 00″ – 23° 20′ 00″ | कर्क | Vu |
मागील: कृत्तिका. पुढील: मृग.