14 अक्टूबर 2026 को अगरतला का चौघड़िया

बुधवार, 14 अक्टूबर 2026, अगरतला, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को अगरतला में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (01:13, 15 अक्टू॰ तक), नक्षत्र अनुराधा (04:03, 15 अक्टू॰ तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 05:21 पर और सूर्यास्त 16:59 पर है। राहुकाल 11:10 से 12:38 तक है।

दिन और रात
दिन 05:21 – 16:59
रात 05:22 तक
तिथि
चतुर्थी, 01:13 तक
पंचमी
नक्षत्र
अनुराधा, 04:03 तक
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:21 – 06:48शुभ
अमृत06:48 – 08:16शुभ
काल08:16 – 09:43टालें
शुभ09:43 – 11:10शुभ
रोग11:10 – 12:38टालें
उद्वेग12:38 – 14:05टालें
चर14:05 – 15:32सामान्य
लाभ15:32 – 16:59शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग16:59 – 18:32टालें
शुभ18:32 – 20:05शुभ
अमृत20:05 – 21:38शुभ
चर21:38 – 23:10सामान्य
रोग23:10 – 00:43टालें
काल00:43 – 02:16टालें
लाभ02:16 – 03:49शुभ
उद्वेग03:49 – 05:22टालें

14 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 01:13, 15 अक्टू॰ तक
शुक्ल पंचमी 03:25, 16 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
अनुराधा 04:03, 15 अक्टू॰ तक
ज्येष्ठा 06:47, 16 अक्टू॰ तक
योग
आयुष्मान 20:39 तक
सौभाग्य 21:15, 15 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 12:17 तक
विष्टि (भद्रा) 01:13, 15 अक्टू॰ तक
बव 14:16, 15 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:21
सूर्यास्त
16:59
चंद्रोदय
08:33
चंद्रास्त
19:15
दिनमान
11h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:42 – 04:32
अभिजीत मुहूर्त
10:47 – 11:34 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:10 – 12:38
यमगंड
06:48 – 08:16
गुलिक काल
09:43 – 11:10

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:2106:19दिन
चंद्र06:1907:18दिन
शनि07:1808:16दिन
गुरु08:1609:14दिन
मंगल09:1410:12दिन
सूर्य10:1211:10दिन
शुक्र11:1012:08दिन
बुध12:0813:07दिन
चंद्र13:0714:05दिन
शनि14:0515:03दिन
गुरु15:0316:01दिन
मंगल16:0116:59दिन
सूर्य16:5918:01रात
शुक्र18:0119:03रात
बुध19:0320:05रात
चंद्र20:0521:07रात
शनि21:0722:09रात
गुरु22:0923:10रात
मंगल23:1000:12रात
सूर्य00:1201:14रात
शुक्र01:1402:16रात
बुध02:1603:18रात
चंद्र03:1804:20रात
शनि04:2005:22रात

अयनांश 24.2312° (लाहिड़ी)। समय अगरतला (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।