30 सितंबर 2027 को अलीगढ़ का चौघड़िया

गुरुवार, 30 सितंबर 2027, अलीगढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 30 सितंबर 2027 को अलीगढ़ में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (08:06 तक), नक्षत्र हस्त (02:11, 1 अक्टू॰ तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:09 पर और सूर्यास्त 18:05 पर है। राहुकाल 13:37 से 15:06 तक है।

दिन और रात
दिन 06:09 – 18:05
रात 06:10 तक
तिथि
प्रतिपदा, 05:35 तक
नक्षत्र
हस्त, 02:11 तक
चित्रा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:09 – 07:39शुभ
रोग07:39 – 09:08टालें
उद्वेग09:08 – 10:38टालें
चर10:38 – 12:07सामान्य
लाभ12:07 – 13:37शुभ
अमृत13:37 – 15:06शुभ
काल15:06 – 16:36टालें
शुभ16:36 – 18:05शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:05 – 19:36शुभ
चर19:36 – 21:06सामान्य
रोग21:06 – 22:37टालें
काल22:37 – 00:07टालें
लाभ00:07 – 01:38शुभ
उद्वेग01:38 – 03:09टालें
शुभ03:09 – 04:39शुभ
अमृत04:39 – 06:10शुभ

30 सितंबर 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
अमावस्या 08:06 तक
शुक्ल प्रतिपदा 05:35, 1 अक्टू॰ तक
शुक्ल द्वितीया 03:33, 2 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
हस्त 02:11, 1 अक्टू॰ तक
चित्रा 00:49, 2 अक्टू॰ तक
योग
ब्रह्म 21:09 तक
इंद्र 18:11, 1 अक्टू॰ तक
करण
नाग 08:06 तक
किंस्तुघ्न 18:47 तक
बव 05:35, 1 अक्टू॰ तक
बालव 16:30, 1 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:09
सूर्यास्त
18:05
चंद्रोदय
06:10
चंद्रास्त
18:00
दिनमान
11h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:33 – 05:21
अभिजीत मुहूर्त
11:43 – 12:31

अशुभ समय

राहुकाल
13:37 – 15:06
यमगंड
06:09 – 07:39
गुलिक काल
09:08 – 10:38

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:0907:09दिन
मंगल07:0908:09दिन
सूर्य08:0909:08दिन
शुक्र09:0810:08दिन
बुध10:0811:07दिन
चंद्र11:0712:07दिन
शनि12:0713:07दिन
गुरु13:0714:06दिन
मंगल14:0615:06दिन
सूर्य15:0616:06दिन
शुक्र16:0617:05दिन
बुध17:0518:05दिन
चंद्र18:0519:05रात
शनि19:0520:06रात
गुरु20:0621:06रात
मंगल21:0622:07रात
सूर्य22:0723:07रात
शुक्र23:0700:07रात
बुध00:0701:08रात
चंद्र01:0802:08रात
शनि02:0803:09रात
गुरु03:0904:09रात
मंगल04:0905:09रात
सूर्य05:0906:10रात

अयनांश 24.2446° (लाहिड़ी)। समय अलीगढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।