8 मार्च 2026 को अमरावती का चौघड़िया

रविवार, 8 मार्च 2026, अमरावती, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 8 मार्च 2026 को अमरावती में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (21:11 तक), नक्षत्र स्वाति (13:31 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:21 पर और सूर्यास्त 18:16 पर है। राहुकाल 16:47 से 18:16 तक है।

दिन और रात
दिन 06:21 – 18:16
रात 06:20 तक
तिथि
पंचमी, 21:11 तक
षष्ठी
नक्षत्र
स्वाति, 13:31 तक
विशाखा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:21 – 07:50टालें
चर07:50 – 09:20सामान्य
लाभ09:20 – 10:49शुभ
अमृत10:49 – 12:18शुभ
काल12:18 – 13:48टालें
शुभ13:48 – 15:17शुभ
रोग15:17 – 16:47टालें
उद्वेग16:47 – 18:16टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:16 – 19:46शुभ
अमृत19:46 – 21:17शुभ
चर21:17 – 22:47सामान्य
रोग22:47 – 00:18टालें
काल00:18 – 01:48टालें
लाभ01:48 – 03:19शुभ
उद्वेग03:19 – 04:49टालें
शुभ04:49 – 06:20शुभ

8 मार्च 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 21:11 तक
कृष्ण षष्ठी 23:27, 9 मार्च तक
नक्षत्र
स्वाति 13:31 तक
विशाखा 16:11, 9 मार्च तक
योग
ध्रुव 07:04 तक
व्याघातअशुभ 07:35, 9 मार्च तक
करण
कौलव 08:11 तक
तैतिल 21:11 तक
गर 10:17, 9 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:21
सूर्यास्त
18:16
चंद्रोदय
22:29
चंद्रास्त
09:11
दिनमान
11h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:44 – 05:32
अभिजीत मुहूर्त
11:54 – 12:42

अशुभ समय

राहुकाल
16:47 – 18:16
यमगंड
12:18 – 13:48
गुलिक काल
15:17 – 16:47

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:2107:20दिन
शुक्र07:2008:20दिन
बुध08:2009:20दिन
चंद्र09:2010:19दिन
शनि10:1911:19दिन
गुरु11:1912:18दिन
मंगल12:1813:18दिन
सूर्य13:1814:18दिन
शुक्र14:1815:17दिन
बुध15:1716:17दिन
चंद्र16:1717:16दिन
शनि17:1618:16दिन
गुरु18:1619:16रात
मंगल19:1620:17रात
सूर्य20:1721:17रात
शुक्र21:1722:17रात
बुध22:1723:18रात
चंद्र23:1800:18रात
शनि00:1801:18रात
गुरु01:1802:19रात
मंगल02:1903:19रात
सूर्य03:1904:19रात
शुक्र04:1905:20रात
बुध05:2006:20रात

अयनांश 24.2228° (लाहिड़ी)। समय अमरावती (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।