23 सितंबर 2025 को अमृतसर का चौघड़िया

मंगलवार, 23 सितंबर 2025, अमृतसर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 23 सितंबर 2025 को अमृतसर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (04:52, 24 सित॰ तक), नक्षत्र हस्त (13:40 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:19 पर और सूर्यास्त 18:25 पर है। राहुकाल 15:24 से 16:55 तक है।

दिन और रात
दिन 06:19 – 18:25
रात 06:19 तक
तिथि
द्वितीया, 04:52 तक
तृतीया
नक्षत्र
हस्त, 13:40 तक
चित्रा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:19 – 07:50टालें
उद्वेग07:50 – 09:20टालें
चर09:20 – 10:51सामान्य
लाभ10:51 – 12:22शुभ
अमृत12:22 – 13:53शुभ
काल13:53 – 15:24टालें
शुभ15:24 – 16:55शुभ
रोग16:55 – 18:25टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:25 – 19:55टालें
लाभ19:55 – 21:24शुभ
उद्वेग21:24 – 22:53टालें
शुभ22:53 – 00:22शुभ
अमृत00:22 – 01:52शुभ
चर01:52 – 03:21सामान्य
रोग03:21 – 04:50टालें
काल04:50 – 06:19टालें

23 सितंबर 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 04:52, 24 सित॰ तक
शुक्ल तृतीया 07:06, 25 सित॰ तक
नक्षत्र
हस्त 13:40 तक
चित्रा 16:16, 24 सित॰ तक
योग
ब्रह्म 20:23 तक
इंद्र 21:02, 24 सित॰ तक
करण
बालव 15:51 तक
कौलव 04:52, 24 सित॰ तक
तैतिल 17:57, 24 सित॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 02:56, 24 सित॰ तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:19
सूर्यास्त
18:25
चंद्रोदय
07:31
चंद्रास्त
19:03
दिनमान
12h 7m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:44 – 05:31
अभिजीत मुहूर्त
11:58 – 12:46

अशुभ समय

राहुकाल
15:24 – 16:55
यमगंड
09:20 – 10:51
गुलिक काल
12:22 – 13:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:1907:19दिन
सूर्य07:1908:20दिन
शुक्र08:2009:20दिन
बुध09:2010:21दिन
चंद्र10:2111:22दिन
शनि11:2212:22दिन
गुरु12:2213:23दिन
मंगल13:2314:23दिन
सूर्य14:2315:24दिन
शुक्र15:2416:24दिन
बुध16:2417:25दिन
चंद्र17:2518:25दिन
शनि18:2519:25रात
गुरु19:2520:24रात
मंगल20:2421:24रात
सूर्य21:2422:23रात
शुक्र22:2323:23रात
बुध23:2300:22रात
चंद्र00:2201:22रात
शनि01:2202:21रात
गुरु02:2103:21रात
मंगल03:2104:20रात
सूर्य04:2005:20रात
शुक्र05:2006:19रात

अयनांश 24.2164° (लाहिड़ी)। समय अमृतसर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।