2 मार्च 2026 को आसनसोल का चौघड़िया

सोमवार, 2 मार्च 2026, आसनसोल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 2 मार्च 2026 को आसनसोल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (17:56 तक), नक्षत्र आश्लेषा (07:51 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 06:03 पर और सूर्यास्त 17:45 पर है। राहुकाल 07:31 से 08:59 तक है।

दिन और रात
दिन 06:03 – 17:45
रात 06:02 तक
तिथि
चतुर्दशी, 17:56 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
मघा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:03 – 07:31शुभ
काल07:31 – 08:59टालें
शुभ08:59 – 10:26शुभ
रोग10:26 – 11:54टालें
उद्वेग11:54 – 13:22टालें
चर13:22 – 14:49सामान्य
लाभ14:49 – 16:17शुभ
अमृत16:17 – 17:45शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:45 – 19:17सामान्य
रोग19:17 – 20:49टालें
काल20:49 – 22:21टालें
लाभ22:21 – 23:54शुभ
उद्वेग23:54 – 01:26टालें
शुभ01:26 – 02:58शुभ
अमृत02:58 – 04:30शुभ
चर04:30 – 06:02सामान्य

2 मार्च 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 17:56 तक
पूर्णिमा 17:07, 3 मार्च तक
नक्षत्र
मघा 07:31, 3 मार्च तक
योग
अतिगंडअशुभ 12:19 तक
सुकर्मा 10:24, 3 मार्च तक
करण
गर 06:30 तक
वणिज 17:56 तक
विष्टि (भद्रा) 05:28, 3 मार्च तक
बव 17:07, 3 मार्च तक
चंद्र राशि
कर्क 07:51 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:03
सूर्यास्त
17:45
चंद्रोदय
16:46
चंद्रास्त
05:12
दिनमान
11h 42m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:25 – 05:14
अभिजीत मुहूर्त
11:31 – 12:17

अशुभ समय

राहुकाल
07:31 – 08:59
यमगंड
10:26 – 11:54
गुलिक काल
13:22 – 14:49

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:0307:02दिन
शनि07:0208:00दिन
गुरु08:0008:59दिन
मंगल08:5909:57दिन
सूर्य09:5710:56दिन
शुक्र10:5611:54दिन
बुध11:5412:52दिन
चंद्र12:5213:51दिन
शनि13:5114:49दिन
गुरु14:4915:48दिन
मंगल15:4816:46दिन
सूर्य16:4617:45दिन
शुक्र17:4518:46रात
बुध18:4619:48रात
चंद्र19:4820:49रात
शनि20:4921:51रात
गुरु21:5122:52रात
मंगल22:5223:54रात
सूर्य23:5400:55रात
शुक्र00:5501:56रात
बुध01:5602:58रात
चंद्र02:5803:59रात
शनि03:5905:01रात
गुरु05:0106:02रात

अयनांश 24.2226° (लाहिड़ी)। समय आसनसोल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।