23 सितंबर 2028 को आसनसोल का चौघड़िया

शनिवार, 23 सितंबर 2028, आसनसोल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 23 सितंबर 2028 को आसनसोल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (08:12 तक), नक्षत्र अनुराधा (02:18, 24 सित॰ तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 05:31 पर और सूर्यास्त 17:37 पर है। राहुकाल 08:32 से 10:03 तक है।

दिन और रात
दिन 05:31 – 17:37
रात 05:31 तक
तिथि
षष्ठी
नक्षत्र
अनुराधा, 02:18 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:31 – 07:02टालें
शुभ07:02 – 08:32शुभ
रोग08:32 – 10:03टालें
उद्वेग10:03 – 11:34टालें
चर11:34 – 13:05सामान्य
लाभ13:05 – 14:35शुभ
अमृत14:35 – 16:06शुभ
काल16:06 – 17:37टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:37 – 19:06शुभ
उद्वेग19:06 – 20:35टालें
शुभ20:35 – 22:05शुभ
अमृत22:05 – 23:34शुभ
चर23:34 – 01:03सामान्य
रोग01:03 – 02:33टालें
काल02:33 – 04:02टालें
लाभ04:02 – 05:31शुभ

23 सितंबर 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 08:12 तक
शुक्ल षष्ठी 06:57, 24 सित॰ तक
नक्षत्र
अनुराधा 02:18, 24 सित॰ तक
ज्येष्ठा 02:25, 25 सित॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 09:14 तक
प्रीति 07:08, 24 सित॰ तक
करण
बालव 08:12 तक
कौलव 19:28 तक
तैतिल 06:57, 24 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:31
सूर्यास्त
17:37
चंद्रोदय
10:13
चंद्रास्त
21:04
दिनमान
12h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:56 – 04:43
अभिजीत मुहूर्त
11:10 – 11:58

अशुभ समय

राहुकाल
08:32 – 10:03
यमगंड
13:05 – 14:35
गुलिक काल
05:31 – 07:02

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:3106:31दिन
गुरु06:3107:32दिन
मंगल07:3208:32दिन
सूर्य08:3209:33दिन
शुक्र09:3310:33दिन
बुध10:3311:34दिन
चंद्र11:3412:34दिन
शनि12:3413:35दिन
गुरु13:3514:35दिन
मंगल14:3515:36दिन
सूर्य15:3616:36दिन
शुक्र16:3617:37दिन
बुध17:3718:36रात
चंद्र18:3619:36रात
शनि19:3620:35रात
गुरु20:3521:35रात
मंगल21:3522:34रात
सूर्य22:3423:34रात
शुक्र23:3400:33रात
बुध00:3301:33रात
चंद्र01:3302:33रात
शनि02:3303:32रात
गुरु03:3204:32रात
मंगल04:3205:31रात

अयनांश 24.2584° (लाहिड़ी)। समय आसनसोल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।