12 सितंबर 2025 को अटलांटा का चौघड़िया

शुक्रवार, 12 सितंबर 2025, अटलांटा, संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

शुक्रवार, 12 सितंबर 2025 को अटलांटा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (21:53 तक), नक्षत्र कृत्तिका (00:41, 13 सित॰ तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 07:19 पर और सूर्यास्त 19:47 पर है। राहुकाल 11:59 से 13:33 तक है।

दिन और रात
दिन 07:19 – 19:47
रात 07:19 तक
तिथि
षष्ठी, 21:53 तक
सप्तमी
नक्षत्र
कृत्तिका, 00:41 तक
रोहिणी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:19 – 08:52सामान्य
लाभ08:52 – 10:26शुभ
अमृत10:26 – 11:59शुभ
काल11:59 – 13:33टालें
शुभ13:33 – 15:06शुभ
रोग15:06 – 16:40टालें
उद्वेग16:40 – 18:14टालें
चर18:14 – 19:47सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:47 – 21:14टालें
काल21:14 – 22:40टालें
लाभ22:40 – 00:07शुभ
उद्वेग00:07 – 01:33टालें
शुभ01:33 – 03:00शुभ
अमृत03:00 – 04:26शुभ
चर04:26 – 05:53सामान्य
रोग05:53 – 07:19टालें

12 सितंबर 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 21:53 तक
कृष्ण सप्तमी 19:34, 13 सित॰ तक
नक्षत्र
कृत्तिका 00:41, 13 सित॰ तक
रोहिणी 23:11, 13 सित॰ तक
योग
हर्षण 01:02, 13 सित॰ तक
वज्रअशुभ 22:05, 13 सित॰ तक
करण
गर 11:09 तक
वणिज 21:53 तक
विष्टि (भद्रा) 08:41, 13 सित॰ तक
चंद्र राशि
मेष 08:00 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:19
सूर्यास्त
19:47
चंद्रोदय
22:53
चंद्रास्त
12:53
दिनमान
12h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:47 – 06:33
अभिजीत मुहूर्त
13:08 – 13:58

अशुभ समय

राहुकाल
11:59 – 13:33
यमगंड
16:40 – 18:14
गुलिक काल
08:52 – 10:26

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:1908:21दिन
बुध08:2109:23दिन
चंद्र09:2310:26दिन
शनि10:2611:28दिन
गुरु11:2812:31दिन
मंगल12:3113:33दिन
सूर्य13:3314:35दिन
शुक्र14:3515:38दिन
बुध15:3816:40दिन
चंद्र16:4017:42दिन
शनि17:4218:45दिन
गुरु18:4519:47दिन
मंगल19:4720:45रात
सूर्य20:4521:43रात
शुक्र21:4322:40रात
बुध22:4023:38रात
चंद्र23:3800:36रात
शनि00:3601:33रात
गुरु01:3302:31रात
मंगल02:3103:29रात
सूर्य03:2904:26रात
शुक्र04:2605:24रात
बुध05:2406:22रात
चंद्र06:2207:19रात

अयनांश 24.2160° (लाहिड़ी)। समय अटलांटा (America/New_York) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।