13 सितंबर 2025 को अटलांटा का चौघड़िया

शनिवार, 13 सितंबर 2025, अटलांटा, संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

शनिवार, 13 सितंबर 2025 को अटलांटा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (19:34 तक), नक्षत्र रोहिणी (23:11 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 07:19 पर और सूर्यास्त 19:46 पर है। राहुकाल 10:26 से 11:59 तक है।

दिन और रात
दिन 07:19 – 19:46
रात 07:20 तक
तिथि
सप्तमी, 19:34 तक
अष्टमी
नक्षत्र
रोहिणी, 23:11 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:19 – 08:53टालें
शुभ08:53 – 10:26शुभ
रोग10:26 – 11:59टालें
उद्वेग11:59 – 13:33टालें
चर13:33 – 15:06सामान्य
लाभ15:06 – 16:39शुभ
अमृत16:39 – 18:12शुभ
काल18:12 – 19:46टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ19:46 – 21:13शुभ
उद्वेग21:13 – 22:39टालें
शुभ22:39 – 00:06शुभ
अमृत00:06 – 01:33शुभ
चर01:33 – 03:00सामान्य
रोग03:00 – 04:26टालें
काल04:26 – 05:53टालें
लाभ05:53 – 07:20शुभ

13 सितंबर 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 19:34 तक
कृष्ण अष्टमी 17:36, 14 सित॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 23:11 तक
मृगशिरा 22:01, 14 सित॰ तक
योग
वज्रअशुभ 22:05 तक
सिद्धि 19:25, 14 सित॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 08:41 तक
बव 19:34 तक
बालव 06:32, 14 सित॰ तक
कौलव 17:36, 14 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:19
सूर्यास्त
19:46
चंद्रोदय
23:46
चंद्रास्त
14:05
दिनमान
12h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:47 – 06:33
अभिजीत मुहूर्त
13:08 – 13:57

अशुभ समय

राहुकाल
10:26 – 11:59
यमगंड
15:06 – 16:39
गुलिक काल
07:19 – 08:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:1908:21दिन
गुरु08:2109:24दिन
मंगल09:2410:26दिन
सूर्य10:2611:28दिन
शुक्र11:2812:30दिन
बुध12:3013:33दिन
चंद्र13:3314:35दिन
शनि14:3515:37दिन
गुरु15:3716:39दिन
मंगल16:3917:41दिन
सूर्य17:4118:44दिन
शुक्र18:4419:46दिन
बुध19:4620:44रात
चंद्र20:4421:41रात
शनि21:4122:39रात
गुरु22:3923:37रात
मंगल23:3700:35रात
सूर्य00:3501:33रात
शुक्र01:3302:31रात
बुध02:3103:29रात
चंद्र03:2904:26रात
शनि04:2605:24रात
गुरु05:2406:22रात
मंगल06:2207:20रात

अयनांश 24.2161° (लाहिड़ी)। समय अटलांटा (America/New_York) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।