23 सितंबर 2026 को अटलांटा का चौघड़िया

बुधवार, 23 सितंबर 2026, अटलांटा, संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

बुधवार, 23 सितंबर 2026 को अटलांटा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (13:20 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (01:05, 24 सित॰ तक) और योग धृति है। सूर्योदय 07:26 पर और सूर्यास्त 19:32 पर है। राहुकाल 13:29 से 15:00 तक है।

दिन और रात
दिन 07:26 – 19:32
रात 07:27 तक
तिथि
द्वादशी, 13:20 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 01:05 तक
शतभिषा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 सितंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:26 – 08:57शुभ
अमृत08:57 – 10:28शुभ
काल10:28 – 11:58टालें
शुभ11:58 – 13:29शुभ
रोग13:29 – 15:00टालें
उद्वेग15:00 – 16:31टालें
चर16:31 – 18:01सामान्य
लाभ18:01 – 19:32शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग19:32 – 21:02टालें
शुभ21:02 – 22:31शुभ
अमृत22:31 – 00:00शुभ
चर00:00 – 01:29सामान्य
रोग01:29 – 02:59टालें
काल02:59 – 04:28टालें
लाभ04:28 – 05:57शुभ
उद्वेग05:57 – 07:27टालें

23 सितंबर 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 13:20 तक
शुक्ल त्रयोदशी 13:48, 24 सित॰ तक
नक्षत्र
धनिष्ठा 01:05, 24 सित॰ तक
शतभिषा 01:52, 25 सित॰ तक
योग
धृति 06:24, 24 सित॰ तक
शूलअशुभ 05:21, 25 सित॰ तक
करण
बालव 13:20 तक
कौलव 01:39, 24 सित॰ तक
तैतिल 13:48, 24 सित॰ तक
चंद्र राशि
मकर 12:27 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:26
सूर्यास्त
19:32
चंद्रोदय
17:59
चंद्रास्त
04:15
दिनमान
12h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:51 – 06:38
अभिजीत मुहूर्त
13:05 – 13:53 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
13:29 – 15:00
यमगंड
08:57 – 10:28
गुलिक काल
11:58 – 13:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:2608:26दिन
चंद्र08:2609:27दिन
शनि09:2710:28दिन
गुरु10:2811:28दिन
मंगल11:2812:29दिन
सूर्य12:2913:29दिन
शुक्र13:2914:30दिन
बुध14:3015:30दिन
चंद्र15:3016:31दिन
शनि16:3117:31दिन
गुरु17:3118:32दिन
मंगल18:3219:32दिन
सूर्य19:3220:32रात
शुक्र20:3221:31रात
बुध21:3122:31रात
चंद्र22:3123:30रात
शनि23:3000:30रात
गुरु00:3001:29रात
मंगल01:2902:29रात
सूर्य02:2903:28रात
शुक्र03:2804:28रात
बुध04:2805:28रात
चंद्र05:2806:27रात
शनि06:2707:27रात

अयनांश 24.2304° (लाहिड़ी)। समय अटलांटा (America/New_York) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।