18 दिसंबर 2024 को अयोध्या का चौघड़िया

बुधवार, 18 दिसंबर 2024, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 18 दिसंबर 2024 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (10:06 तक), नक्षत्र पुष्य (00:58, 19 दिस॰ तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 06:44 पर और सूर्यास्त 17:11 पर है। राहुकाल 11:57 से 13:16 तक है।

दिन और रात
दिन 06:44 – 17:11
रात 06:44 तक
तिथि
तृतीया, 10:06 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
पुष्य, 00:58 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 दिसंबर 2024 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:44 – 08:02शुभ
अमृत08:02 – 09:20शुभ
काल09:20 – 10:39टालें
शुभ10:39 – 11:57शुभ
रोग11:57 – 13:16टालें
उद्वेग13:16 – 14:34टालें
चर14:34 – 15:53सामान्य
लाभ15:53 – 17:11शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:11 – 18:53टालें
शुभ18:53 – 20:34शुभ
अमृत20:34 – 22:16शुभ
चर22:16 – 23:58सामान्य
रोग23:58 – 01:39टालें
काल01:39 – 03:21टालें
लाभ03:21 – 05:03शुभ
उद्वेग05:03 – 06:44टालें

18 दिसंबर 2024 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 10:06 तक
कृष्ण चतुर्थी 10:03, 19 दिस॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 00:58, 19 दिस॰ तक
आश्लेषा 01:59, 20 दिस॰ तक
योग
इंद्र 19:33 तक
वैधृतिअशुभ 18:33, 19 दिस॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 10:06 तक
बव 21:58 तक
बालव 10:03, 19 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:44
सूर्यास्त
17:11
चंद्रोदय
20:10
चंद्रास्त
09:26
दिनमान
10h 28m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:55 – 05:49
अभिजीत मुहूर्त
11:36 – 12:18 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:57 – 13:16
यमगंड
08:02 – 09:20
गुलिक काल
10:39 – 11:57

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:4407:36दिन
चंद्र07:3608:28दिन
शनि08:2809:20दिन
गुरु09:2010:13दिन
मंगल10:1311:05दिन
सूर्य11:0511:57दिन
शुक्र11:5712:50दिन
बुध12:5013:42दिन
चंद्र13:4214:34दिन
शनि14:3415:27दिन
गुरु15:2716:19दिन
मंगल16:1917:11दिन
सूर्य17:1118:19रात
शुक्र18:1919:27रात
बुध19:2720:34रात
चंद्र20:3421:42रात
शनि21:4222:50रात
गुरु22:5023:58रात
मंगल23:5801:05रात
सूर्य01:0502:13रात
शुक्र02:1303:21रात
बुध03:2104:29रात
चंद्र04:2905:36रात
शनि05:3606:44रात

अयनांश 24.2058° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।