5 मार्च 2025 को अयोध्या का चौघड़िया

बुधवार, 5 मार्च 2025, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 5 मार्च 2025 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (12:51 तक), नक्षत्र कृत्तिका (01:08, 6 मार्च तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:21 पर और सूर्यास्त 18:04 पर है। राहुकाल 12:12 से 13:40 तक है।

दिन और रात
दिन 06:21 – 18:04
रात 06:20 तक
तिथि
षष्ठी, 12:51 तक
सप्तमी
नक्षत्र
कृत्तिका, 01:08 तक
रोहिणी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:21 – 07:49शुभ
अमृत07:49 – 09:17शुभ
काल09:17 – 10:44टालें
शुभ10:44 – 12:12शुभ
रोग12:12 – 13:40टालें
उद्वेग13:40 – 15:08टालें
चर15:08 – 16:36सामान्य
लाभ16:36 – 18:04शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:04 – 19:36टालें
शुभ19:36 – 21:08शुभ
अमृत21:08 – 22:40शुभ
चर22:40 – 00:12सामान्य
रोग00:12 – 01:44टालें
काल01:44 – 03:16टालें
लाभ03:16 – 04:48शुभ
उद्वेग04:48 – 06:20टालें

5 मार्च 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 12:51 तक
शुक्ल सप्तमी 10:51, 6 मार्च तक
नक्षत्र
कृत्तिका 01:08, 6 मार्च तक
रोहिणी 00:05, 7 मार्च तक
योग
वैधृतिअशुभ 23:07 तक
विष्कंभअशुभ 20:29, 6 मार्च तक
करण
तैतिल 12:51 तक
गर 23:48 तक
वणिज 10:51, 6 मार्च तक
चंद्र राशि
मेष 08:13 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:21
सूर्यास्त
18:04
चंद्रोदय
09:45
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
11h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:42 – 05:32
अभिजीत मुहूर्त
11:49 – 12:36 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:12 – 13:40
यमगंड
07:49 – 09:17
गुलिक काल
10:44 – 12:12

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:2107:19दिन
चंद्र07:1908:18दिन
शनि08:1809:17दिन
गुरु09:1710:15दिन
मंगल10:1511:14दिन
सूर्य11:1412:12दिन
शुक्र12:1213:11दिन
बुध13:1114:10दिन
चंद्र14:1015:08दिन
शनि15:0816:07दिन
गुरु16:0717:05दिन
मंगल17:0518:04दिन
सूर्य18:0419:05रात
शुक्र19:0520:07रात
बुध20:0721:08रात
चंद्र21:0822:09रात
शनि22:0923:11रात
गुरु23:1100:12रात
मंगल00:1201:13रात
सूर्य01:1302:14रात
शुक्र02:1403:16रात
बुध03:1604:17रात
चंद्र04:1705:18रात
शनि05:1806:20रात

अयनांश 24.2087° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।