6 मार्च 2025 को अयोध्या का चौघड़िया

गुरुवार, 6 मार्च 2025, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 6 मार्च 2025 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (10:51 तक), नक्षत्र रोहिणी (00:05, 7 मार्च तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:20 पर और सूर्यास्त 18:05 पर है। राहुकाल 13:40 से 15:08 तक है।

दिन और रात
दिन 06:20 – 18:05
रात 06:19 तक
तिथि
सप्तमी, 10:51 तक
अष्टमी
नक्षत्र
रोहिणी, 00:05 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:20 – 07:48शुभ
रोग07:48 – 09:16टालें
उद्वेग09:16 – 10:44टालें
चर10:44 – 12:12सामान्य
लाभ12:12 – 13:40शुभ
अमृत13:40 – 15:08शुभ
काल15:08 – 16:36टालें
शुभ16:36 – 18:05शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:05 – 19:36शुभ
चर19:36 – 21:08सामान्य
रोग21:08 – 22:40टालें
काल22:40 – 00:12टालें
लाभ00:12 – 01:43शुभ
उद्वेग01:43 – 03:15टालें
शुभ03:15 – 04:47शुभ
अमृत04:47 – 06:19शुभ

6 मार्च 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 10:51 तक
शुक्ल अष्टमी 09:19, 7 मार्च तक
नक्षत्र
रोहिणी 00:05, 7 मार्च तक
मृगशिरा 23:32, 7 मार्च तक
योग
विष्कंभअशुभ 20:29 तक
प्रीति 18:14, 7 मार्च तक
करण
वणिज 10:51 तक
विष्टि (भद्रा) 22:01 तक
बव 09:19, 7 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:20
सूर्यास्त
18:05
चंद्रोदय
10:34
चंद्रास्त
00:03
दिनमान
11h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:42 – 05:31
अभिजीत मुहूर्त
11:49 – 12:36

अशुभ समय

राहुकाल
13:40 – 15:08
यमगंड
06:20 – 07:48
गुलिक काल
09:16 – 10:44

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:2007:18दिन
मंगल07:1808:17दिन
सूर्य08:1709:16दिन
शुक्र09:1610:15दिन
बुध10:1511:13दिन
चंद्र11:1312:12दिन
शनि12:1213:11दिन
गुरु13:1114:10दिन
मंगल14:1015:08दिन
सूर्य15:0816:07दिन
शुक्र16:0717:06दिन
बुध17:0618:05दिन
चंद्र18:0519:06रात
शनि19:0620:07रात
गुरु20:0721:08रात
मंगल21:0822:09रात
सूर्य22:0923:10रात
शुक्र23:1000:12रात
बुध00:1201:13रात
चंद्र01:1302:14रात
शनि02:1403:15रात
गुरु03:1504:16रात
मंगल04:1605:17रात
सूर्य05:1706:19रात

अयनांश 24.2088° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।