19 मार्च 2025 को अयोध्या का चौघड़िया

बुधवार, 19 मार्च 2025, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 19 मार्च 2025 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (00:37, 20 मार्च तक), नक्षत्र विशाखा (20:50 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:06 पर और सूर्यास्त 18:11 पर है। राहुकाल 12:09 से 13:39 तक है।

दिन और रात
दिन 06:06 – 18:11
रात 06:05 तक
तिथि
पंचमी, 00:37 तक
षष्ठी
नक्षत्र
विशाखा, 20:50 तक
अनुराधा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:06 – 07:37शुभ
अमृत07:37 – 09:07शुभ
काल09:07 – 10:38टालें
शुभ10:38 – 12:09शुभ
रोग12:09 – 13:39टालें
उद्वेग13:39 – 15:10टालें
चर15:10 – 16:41सामान्य
लाभ16:41 – 18:11शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:11 – 19:41टालें
शुभ19:41 – 21:10शुभ
अमृत21:10 – 22:39शुभ
चर22:39 – 00:08सामान्य
रोग00:08 – 01:37टालें
काल01:37 – 03:06टालें
लाभ03:06 – 04:36शुभ
उद्वेग04:36 – 06:05टालें

19 मार्च 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 00:37, 20 मार्च तक
कृष्ण षष्ठी 02:45, 21 मार्च तक
नक्षत्र
विशाखा 20:50 तक
अनुराधा 23:31, 20 मार्च तक
योग
हर्षण 17:37 तक
वज्रअशुभ 18:19, 20 मार्च तक
करण
कौलव 11:25 तक
तैतिल 00:37, 20 मार्च तक
गर 13:44, 20 मार्च तक
चंद्र राशि
तुला 14:06 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:06
सूर्यास्त
18:11
चंद्रोदय
22:44
चंद्रास्त
08:36
दिनमान
12h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:31 – 05:18
अभिजीत मुहूर्त
11:44 – 12:33 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:09 – 13:39
यमगंड
07:37 – 09:07
गुलिक काल
10:38 – 12:09

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:0607:06दिन
चंद्र07:0608:07दिन
शनि08:0709:07दिन
गुरु09:0710:08दिन
मंगल10:0811:08दिन
सूर्य11:0812:09दिन
शुक्र12:0913:09दिन
बुध13:0914:10दिन
चंद्र14:1015:10दिन
शनि15:1016:10दिन
गुरु16:1017:11दिन
मंगल17:1118:11दिन
सूर्य18:1119:11रात
शुक्र19:1120:10रात
बुध20:1021:10रात
चंद्र21:1022:09रात
शनि22:0923:09रात
गुरु23:0900:08रात
मंगल00:0801:08रात
सूर्य01:0802:07रात
शुक्र02:0703:06रात
बुध03:0604:06रात
चंद्र04:0605:05रात
शनि05:0506:05रात

अयनांश 24.2092° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।