3 अप्रैल 2025 को अयोध्या का चौघड़िया

गुरुवार, 3 अप्रैल 2025, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 3 अप्रैल 2025 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (21:41 तक), नक्षत्र रोहिणी (07:02 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 05:49 पर और सूर्यास्त 18:19 पर है। राहुकाल 13:38 से 15:11 तक है।

दिन और रात
दिन 05:49 – 18:19
रात 05:48 तक
तिथि
षष्ठी, 21:41 तक
सप्तमी
नक्षत्र
मृगशिरा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:49 – 07:23शुभ
रोग07:23 – 08:57टालें
उद्वेग08:57 – 10:30टालें
चर10:30 – 12:04सामान्य
लाभ12:04 – 13:38शुभ
अमृत13:38 – 15:11शुभ
काल15:11 – 16:45टालें
शुभ16:45 – 18:19शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:19 – 19:45शुभ
चर19:45 – 21:11सामान्य
रोग21:11 – 22:37टालें
काल22:37 – 00:04टालें
लाभ00:04 – 01:30शुभ
उद्वेग01:30 – 02:56टालें
शुभ02:56 – 04:22शुभ
अमृत04:22 – 05:48शुभ

3 अप्रैल 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 21:41 तक
शुक्ल सप्तमी 20:13, 4 अप्रैल तक
नक्षत्र
रोहिणी 07:02 तक
मृगशिरा 05:51, 4 अप्रैल तक
योग
सौभाग्य 00:01, 4 अप्रैल तक
शोभन 21:45, 4 अप्रैल तक
करण
कौलव 10:41 तक
तैतिल 21:41 तक
गर 08:52, 4 अप्रैल तक
चंद्र राशि
वृषभ 18:22 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:49
सूर्यास्त
18:19
चंद्रोदय
09:22
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
12h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:17 – 05:03
अभिजीत मुहूर्त
11:39 – 12:29

अशुभ समय

राहुकाल
13:38 – 15:11
यमगंड
05:49 – 07:23
गुलिक काल
08:57 – 10:30

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:4906:52दिन
मंगल06:5207:54दिन
सूर्य07:5408:57दिन
शुक्र08:5709:59दिन
बुध09:5911:02दिन
चंद्र11:0212:04दिन
शनि12:0413:07दिन
गुरु13:0714:09दिन
मंगल14:0915:11दिन
सूर्य15:1116:14दिन
शुक्र16:1417:16दिन
बुध17:1618:19दिन
चंद्र18:1919:16रात
शनि19:1620:14रात
गुरु20:1421:11रात
मंगल21:1122:09रात
सूर्य22:0923:06रात
शुक्र23:0600:04रात
बुध00:0401:01रात
चंद्र01:0101:59रात
शनि01:5902:56रात
गुरु02:5603:53रात
मंगल03:5304:51रात
सूर्य04:5105:48रात

अयनांश 24.2098° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।