22 अगस्त 2025 को अयोध्या का चौघड़िया

शुक्रवार, 22 अगस्त 2025, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 22 अगस्त 2025 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (11:56 तक), नक्षत्र आश्लेषा (00:16, 23 अग॰ तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:36 पर और सूर्यास्त 18:31 पर है। राहुकाल 10:26 से 12:03 तक है।

दिन और रात
दिन 05:36 – 18:31
रात 05:36 तक
तिथि
चतुर्दशी, 11:56 तक
अमावस्या
नक्षत्र
आश्लेषा, 00:16 तक
मघा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 अगस्त 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:36 – 07:13सामान्य
लाभ07:13 – 08:50शुभ
अमृत08:50 – 10:26शुभ
काल10:26 – 12:03टालें
शुभ12:03 – 13:40शुभ
रोग13:40 – 15:17टालें
उद्वेग15:17 – 16:54टालें
चर16:54 – 18:31सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:31 – 19:54टालें
काल19:54 – 21:17टालें
लाभ21:17 – 22:41शुभ
उद्वेग22:41 – 00:04टालें
शुभ00:04 – 01:27शुभ
अमृत01:27 – 02:50शुभ
चर02:50 – 04:13सामान्य
रोग04:13 – 05:36टालें

22 अगस्त 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 11:56 तक
अमावस्या 11:36, 23 अग॰ तक
नक्षत्र
आश्लेषा 00:16, 23 अग॰ तक
मघा 00:55, 24 अग॰ तक
योग
वरीयान 14:35 तक
परिघअशुभ 13:19, 23 अग॰ तक
करण
शकुनि 11:56 तक
चतुष्पद 23:42 तक
नाग 11:36, 23 अग॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 00:16, 23 अग॰ तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:36
सूर्यास्त
18:31
चंद्रोदय
04:24
चंद्रास्त
18:07
दिनमान
12h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:07 – 04:51
अभिजीत मुहूर्त
11:38 – 12:29

अशुभ समय

राहुकाल
10:26 – 12:03
यमगंड
15:17 – 16:54
गुलिक काल
07:13 – 08:50

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:3606:40दिन
बुध06:4007:45दिन
चंद्र07:4508:50दिन
शनि08:5009:54दिन
गुरु09:5410:59दिन
मंगल10:5912:03दिन
सूर्य12:0313:08दिन
शुक्र13:0814:13दिन
बुध14:1315:17दिन
चंद्र15:1716:22दिन
शनि16:2217:26दिन
गुरु17:2618:31दिन
मंगल18:3119:27रात
सूर्य19:2720:22रात
शुक्र20:2221:17रात
बुध21:1722:13रात
चंद्र22:1323:08रात
शनि23:0800:04रात
गुरु00:0400:59रात
मंगल00:5901:54रात
सूर्य01:5402:50रात
शुक्र02:5003:45रात
बुध03:4504:41रात
चंद्र04:4105:36रात

अयनांश 24.2152° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।