27 अगस्त 2025 को अयोध्या का चौघड़िया

बुधवार, 27 अगस्त 2025, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 27 अगस्त 2025 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (15:44 तक), नक्षत्र हस्त (06:04 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 05:38 पर और सूर्यास्त 18:26 पर है। राहुकाल 12:02 से 13:38 तक है।

दिन और रात
दिन 05:38 – 18:26
रात 05:38 तक
तिथि
चतुर्थी, 15:44 तक
पंचमी
नक्षत्र
चित्रा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 अगस्त 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:38 – 07:14शुभ
अमृत07:14 – 08:50शुभ
काल08:50 – 10:26टालें
शुभ10:26 – 12:02शुभ
रोग12:02 – 13:38टालें
उद्वेग13:38 – 15:14टालें
चर15:14 – 16:50सामान्य
लाभ16:50 – 18:26शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:26 – 19:50टालें
शुभ19:50 – 21:14शुभ
अमृत21:14 – 22:38शुभ
चर22:38 – 00:02सामान्य
रोग00:02 – 01:26टालें
काल01:26 – 02:50टालें
लाभ02:50 – 04:14शुभ
उद्वेग04:14 – 05:38टालें

27 अगस्त 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 15:44 तक
शुक्ल पंचमी 17:57, 28 अग॰ तक
नक्षत्र
हस्त 06:04 तक
चित्रा 08:43, 28 अग॰ तक
योग
शुभ 12:34 तक
शुक्ल 13:18, 28 अग॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 15:44 तक
बव 04:48, 28 अग॰ तक
बालव 17:57, 28 अग॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 19:21 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:38
सूर्यास्त
18:26
चंद्रोदय
09:05
चंद्रास्त
20:37
दिनमान
12h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:09 – 04:53
अभिजीत मुहूर्त
11:36 – 12:28 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:02 – 13:38
यमगंड
07:14 – 08:50
गुलिक काल
10:26 – 12:02

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:3806:42दिन
चंद्र06:4207:46दिन
शनि07:4608:50दिन
गुरु08:5009:54दिन
मंगल09:5410:58दिन
सूर्य10:5812:02दिन
शुक्र12:0213:06दिन
बुध13:0614:10दिन
चंद्र14:1015:14दिन
शनि15:1416:18दिन
गुरु16:1817:22दिन
मंगल17:2218:26दिन
सूर्य18:2619:22रात
शुक्र19:2220:18रात
बुध20:1821:14रात
चंद्र21:1422:10रात
शनि22:1023:06रात
गुरु23:0600:02रात
मंगल00:0200:58रात
सूर्य00:5801:54रात
शुक्र01:5402:50रात
बुध02:5003:46रात
चंद्र03:4604:42रात
शनि04:4205:38रात

अयनांश 24.2154° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।