26 सितंबर 2025 को अयोध्या का चौघड़िया

शुक्रवार, 26 सितंबर 2025, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 26 सितंबर 2025 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (09:33 तक), नक्षत्र विशाखा (22:09 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 05:51 पर और सूर्यास्त 17:53 पर है। राहुकाल 10:22 से 11:52 तक है।

दिन और रात
दिन 05:51 – 17:53
रात 05:51 तक
तिथि
चतुर्थी, 09:33 तक
पंचमी
नक्षत्र
विशाखा, 22:09 तक
अनुराधा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:51 – 07:21सामान्य
लाभ07:21 – 08:51शुभ
अमृत08:51 – 10:22शुभ
काल10:22 – 11:52टालें
शुभ11:52 – 13:22शुभ
रोग13:22 – 14:52टालें
उद्वेग14:52 – 16:22टालें
चर16:22 – 17:53सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:53 – 19:23टालें
काल19:23 – 20:52टालें
लाभ20:52 – 22:22शुभ
उद्वेग22:22 – 23:52टालें
शुभ23:52 – 01:22शुभ
अमृत01:22 – 02:52शुभ
चर02:52 – 04:22सामान्य
रोग04:22 – 05:51टालें

26 सितंबर 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 09:33 तक
शुक्ल पंचमी 12:04, 27 सित॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 22:09 तक
अनुराधा 01:08, 28 सित॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 22:50 तक
प्रीति 23:45, 27 सित॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 09:33 तक
बव 22:49 तक
बालव 12:04, 27 सित॰ तक
चंद्र राशि
तुला 15:23 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:51
सूर्यास्त
17:53
चंद्रोदय
09:39
चंद्रास्त
20:18
दिनमान
12h 2m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:15 – 05:03
अभिजीत मुहूर्त
11:28 – 12:16

अशुभ समय

राहुकाल
10:22 – 11:52
यमगंड
14:52 – 16:22
गुलिक काल
07:21 – 08:51

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:5106:51दिन
बुध06:5107:51दिन
चंद्र07:5108:51दिन
शनि08:5109:52दिन
गुरु09:5210:52दिन
मंगल10:5211:52दिन
सूर्य11:5212:52दिन
शुक्र12:5213:52दिन
बुध13:5214:52दिन
चंद्र14:5215:52दिन
शनि15:5216:53दिन
गुरु16:5317:53दिन
मंगल17:5318:53रात
सूर्य18:5319:52रात
शुक्र19:5220:52रात
बुध20:5221:52रात
चंद्र21:5222:52रात
शनि22:5223:52रात
गुरु23:5200:52रात
मंगल00:5201:52रात
सूर्य01:5202:52रात
शुक्र02:5203:52रात
बुध03:5204:52रात
चंद्र04:5205:51रात

अयनांश 24.2166° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।