14 जनवरी 2026 को अयोध्या का चौघड़िया

बुधवार, 14 जनवरी 2026, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 14 जनवरी 2026 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (17:53 तक), नक्षत्र अनुराधा (03:03, 15 जन॰ तक) और योग गंड है। सूर्योदय 06:51 पर और सूर्यास्त 17:29 पर है। राहुकाल 12:10 से 13:29 तक है।

दिन और रात
दिन 06:51 – 17:29
रात 06:51 तक
तिथि
एकादशी, 17:53 तक
द्वादशी
नक्षत्र
अनुराधा, 03:03 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:51 – 08:11शुभ
अमृत08:11 – 09:30शुभ
काल09:30 – 10:50टालें
शुभ10:50 – 12:10शुभ
रोग12:10 – 13:29टालें
उद्वेग13:29 – 14:49टालें
चर14:49 – 16:09सामान्य
लाभ16:09 – 17:29शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:29 – 19:09टालें
शुभ19:09 – 20:49शुभ
अमृत20:49 – 22:29शुभ
चर22:29 – 00:10सामान्य
रोग00:10 – 01:50टालें
काल01:50 – 03:30टालें
लाभ03:30 – 05:11शुभ
उद्वेग05:11 – 06:51टालें

14 जनवरी 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 17:53 तक
कृष्ण द्वादशी 20:17, 15 जन॰ तक
नक्षत्र
अनुराधा 03:03, 15 जन॰ तक
ज्येष्ठा 05:47, 16 जन॰ तक
योग
गंडअशुभ 19:55 तक
वृद्धि 20:38, 15 जन॰ तक
करण
बालव 17:53 तक
कौलव 07:07, 15 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:51
सूर्यास्त
17:29
चंद्रोदय
03:04
चंद्रास्त
13:33
दिनमान
10h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:04 – 05:57
अभिजीत मुहूर्त
11:48 – 12:31 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:10 – 13:29
यमगंड
08:11 – 09:30
गुलिक काल
10:50 – 12:10

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:5107:44दिन
चंद्र07:4408:37दिन
शनि08:3709:30दिन
गुरु09:3010:23दिन
मंगल10:2311:17दिन
सूर्य11:1712:10दिन
शुक्र12:1013:03दिन
बुध13:0313:56दिन
चंद्र13:5614:49दिन
शनि14:4915:42दिन
गुरु15:4216:35दिन
मंगल16:3517:29दिन
सूर्य17:2918:35रात
शुक्र18:3519:42रात
बुध19:4220:49रात
चंद्र20:4921:56रात
शनि21:5623:03रात
गुरु23:0300:10रात
मंगल00:1001:17रात
सूर्य01:1702:23रात
शुक्र02:2303:30रात
बुध03:3004:37रात
चंद्र04:3705:44रात
शनि05:4406:51रात

अयनांश 24.2208° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।