9 मार्च 2026 को अयोध्या का चौघड़िया

सोमवार, 9 मार्च 2026, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 9 मार्च 2026 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (23:27 तक), नक्षत्र विशाखा (16:11 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:17 पर और सूर्यास्त 18:06 पर है। राहुकाल 07:45 से 09:14 तक है।

दिन और रात
दिन 06:17 – 18:06
रात 06:16 तक
तिथि
षष्ठी, 23:27 तक
सप्तमी
नक्षत्र
विशाखा, 16:11 तक
अनुराधा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:17 – 07:45शुभ
काल07:45 – 09:14टालें
शुभ09:14 – 10:43शुभ
रोग10:43 – 12:11टालें
उद्वेग12:11 – 13:40टालें
चर13:40 – 15:09सामान्य
लाभ15:09 – 16:37शुभ
अमृत16:37 – 18:06शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:06 – 19:37सामान्य
रोग19:37 – 21:08टालें
काल21:08 – 22:40टालें
लाभ22:40 – 00:11शुभ
उद्वेग00:11 – 01:42टालें
शुभ01:42 – 03:13शुभ
अमृत03:13 – 04:45शुभ
चर04:45 – 06:16सामान्य

9 मार्च 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 23:27 तक
कृष्ण सप्तमी 01:54, 11 मार्च तक
नक्षत्र
विशाखा 16:11 तक
अनुराधा 19:05, 10 मार्च तक
योग
व्याघातअशुभ 07:35 तक
हर्षण 08:21, 10 मार्च तक
करण
गर 10:17 तक
वणिज 23:27 तक
विष्टि (भद्रा) 12:40, 10 मार्च तक
चंद्र राशि
तुला 09:29 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:17
सूर्यास्त
18:06
चंद्रोदय
23:39
चंद्रास्त
09:23
दिनमान
11h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:39 – 05:28
अभिजीत मुहूर्त
11:48 – 12:35

अशुभ समय

राहुकाल
07:45 – 09:14
यमगंड
10:43 – 12:11
गुलिक काल
13:40 – 15:09

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:1707:16दिन
शनि07:1608:15दिन
गुरु08:1509:14दिन
मंगल09:1410:13दिन
सूर्य10:1311:12दिन
शुक्र11:1212:11दिन
बुध12:1113:11दिन
चंद्र13:1114:10दिन
शनि14:1015:09दिन
गुरु15:0916:08दिन
मंगल16:0817:07दिन
सूर्य17:0718:06दिन
शुक्र18:0619:07रात
बुध19:0720:08रात
चंद्र20:0821:08रात
शनि21:0822:09रात
गुरु22:0923:10रात
मंगल23:1000:11रात
सूर्य00:1101:12रात
शुक्र01:1202:13रात
बुध02:1303:13रात
चंद्र03:1304:14रात
शनि04:1405:15रात
गुरु05:1506:16रात

अयनांश 24.2228° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।