5 अप्रैल 2026 को अयोध्या का चौघड़िया

रविवार, 5 अप्रैल 2026, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 5 अप्रैल 2026 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (12:00 तक), नक्षत्र विशाखा (00:08, 6 अप्रैल तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:48 पर और सूर्यास्त 18:20 पर है। राहुकाल 16:46 से 18:20 तक है।

दिन और रात
दिन 05:48 – 18:20
रात 05:47 तक
तिथि
तृतीया, 12:00 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
विशाखा, 00:08 तक
अनुराधा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 अप्रैल 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:48 – 07:22टालें
चर07:22 – 08:56सामान्य
लाभ08:56 – 10:30शुभ
अमृत10:30 – 12:04शुभ
काल12:04 – 13:38टालें
शुभ13:38 – 15:12शुभ
रोग15:12 – 16:46टालें
उद्वेग16:46 – 18:20टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:20 – 19:46शुभ
अमृत19:46 – 21:11शुभ
चर21:11 – 22:37सामान्य
रोग22:37 – 00:03टालें
काल00:03 – 01:29टालें
लाभ01:29 – 02:55शुभ
उद्वेग02:55 – 04:21टालें
शुभ04:21 – 05:47शुभ

5 अप्रैल 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 12:00 तक
कृष्ण चतुर्थी 14:11, 6 अप्रैल तक
नक्षत्र
विशाखा 00:08, 6 अप्रैल तक
अनुराधा 02:56, 7 अप्रैल तक
योग
वज्रअशुभ 14:43 तक
सिद्धि 15:25, 6 अप्रैल तक
करण
विष्टि (भद्रा) 12:00 तक
बव 01:03, 6 अप्रैल तक
बालव 14:11, 6 अप्रैल तक
चंद्र राशि
तुला 17:28 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:48
सूर्यास्त
18:20
चंद्रोदय
21:28
चंद्रास्त
07:20
दिनमान
12h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:16 – 05:02
अभिजीत मुहूर्त
11:39 – 12:29

अशुभ समय

राहुकाल
16:46 – 18:20
यमगंड
12:04 – 13:38
गुलिक काल
15:12 – 16:46

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:4806:50दिन
शुक्र06:5007:53दिन
बुध07:5308:56दिन
चंद्र08:5609:58दिन
शनि09:5811:01दिन
गुरु11:0112:04दिन
मंगल12:0413:06दिन
सूर्य13:0614:09दिन
शुक्र14:0915:12दिन
बुध15:1216:14दिन
चंद्र16:1417:17दिन
शनि17:1718:20दिन
गुरु18:2019:17रात
मंगल19:1720:14रात
सूर्य20:1421:11रात
शुक्र21:1122:09रात
बुध22:0923:06रात
चंद्र23:0600:03रात
शनि00:0301:00रात
गुरु01:0001:58रात
मंगल01:5802:55रात
सूर्य02:5503:52रात
शुक्र03:5204:49रात
बुध04:4905:47रात

अयनांश 24.2239° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।