8 सितंबर 2026 को अयोध्या का चौघड़िया

मंगलवार, 8 सितंबर 2026, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 8 सितंबर 2026 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (14:43 तक), नक्षत्र पुष्य (16:39 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 05:43 पर और सूर्यास्त 18:13 पर है। राहुकाल 15:06 से 16:40 तक है।

दिन और रात
दिन 05:43 – 18:13
रात 05:44 तक
तिथि
द्वादशी, 14:43 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
पुष्य, 16:39 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 सितंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:43 – 07:17टालें
उद्वेग07:17 – 08:51टालें
चर08:51 – 10:24सामान्य
लाभ10:24 – 11:58शुभ
अमृत11:58 – 13:32शुभ
काल13:32 – 15:06टालें
शुभ15:06 – 16:40शुभ
रोग16:40 – 18:13टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:13 – 19:40टालें
लाभ19:40 – 21:06शुभ
उद्वेग21:06 – 22:32टालें
शुभ22:32 – 23:58शुभ
अमृत23:58 – 01:25शुभ
चर01:25 – 02:51सामान्य
रोग02:51 – 04:17टालें
काल04:17 – 05:44टालें

8 सितंबर 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 14:43 तक
कृष्ण त्रयोदशी 12:31, 9 सित॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 16:39 तक
आश्लेषा 15:14, 9 सित॰ तक
योग
परिघअशुभ 00:40, 9 सित॰ तक
शिव 21:52, 9 सित॰ तक
करण
तैतिल 14:43 तक
गर 01:35, 9 सित॰ तक
वणिज 12:31, 9 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:43
सूर्यास्त
18:13
चंद्रोदय
02:28
चंद्रास्त
16:25
दिनमान
12h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:11 – 04:57
अभिजीत मुहूर्त
11:33 – 12:23

अशुभ समय

राहुकाल
15:06 – 16:40
यमगंड
08:51 – 10:24
गुलिक काल
11:58 – 13:32

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:4306:46दिन
सूर्य06:4607:48दिन
शुक्र07:4808:51दिन
बुध08:5109:53दिन
चंद्र09:5310:56दिन
शनि10:5611:58दिन
गुरु11:5813:01दिन
मंगल13:0114:03दिन
सूर्य14:0315:06दिन
शुक्र15:0616:08दिन
बुध16:0817:11दिन
चंद्र17:1118:13दिन
शनि18:1319:11रात
गुरु19:1120:08रात
मंगल20:0821:06रात
सूर्य21:0622:03रात
शुक्र22:0323:01रात
बुध23:0123:58रात
चंद्र23:5800:56रात
शनि00:5601:53रात
गुरु01:5302:51रात
मंगल02:5103:49रात
सूर्य03:4904:46रात
शुक्र04:4605:44रात

अयनांश 24.2298° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।