5 अक्टूबर 2026 को अयोध्या का चौघड़िया

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (02:07, 6 अक्टू॰ तक), नक्षत्र पुष्य (23:09 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 05:55 पर और सूर्यास्त 17:43 पर है। राहुकाल 07:23 से 08:52 तक है।

दिन और रात
दिन 05:55 – 17:43
रात 05:55 तक
तिथि
दशमी, 02:07 तक
एकादशी
नक्षत्र
पुष्य, 23:09 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:55 – 07:23शुभ
काल07:23 – 08:52टालें
शुभ08:52 – 10:20शुभ
रोग10:20 – 11:49टालें
उद्वेग11:49 – 13:17टालें
चर13:17 – 14:46सामान्य
लाभ14:46 – 16:15शुभ
अमृत16:15 – 17:43शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:43 – 19:15सामान्य
रोग19:15 – 20:46टालें
काल20:46 – 22:18टालें
लाभ22:18 – 23:49शुभ
उद्वेग23:49 – 01:21टालें
शुभ01:21 – 02:52शुभ
अमृत02:52 – 04:24शुभ
चर04:24 – 05:55सामान्य

5 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण दशमी 02:07, 6 अक्टू॰ तक
कृष्ण एकादशी 00:34, 7 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 23:09 तक
आश्लेषा 22:17, 6 अक्टू॰ तक
योग
शिव 09:51 तक
सिद्ध 07:20, 6 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 14:59 तक
विष्टि (भद्रा) 02:07, 6 अक्टू॰ तक
बव 13:19, 6 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:55
सूर्यास्त
17:43
चंद्रोदय
00:18
चंद्रास्त
14:23
दिनमान
11h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:18 – 05:06
अभिजीत मुहूर्त
11:25 – 12:13

अशुभ समय

राहुकाल
07:23 – 08:52
यमगंड
10:20 – 11:49
गुलिक काल
13:17 – 14:46

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:5506:54दिन
शनि06:5407:53दिन
गुरु07:5308:52दिन
मंगल08:5209:51दिन
सूर्य09:5110:50दिन
शुक्र10:5011:49दिन
बुध11:4912:48दिन
चंद्र12:4813:47दिन
शनि13:4714:46दिन
गुरु14:4615:45दिन
मंगल15:4516:44दिन
सूर्य16:4417:43दिन
शुक्र17:4318:44रात
बुध18:4419:45रात
चंद्र19:4520:46रात
शनि20:4621:47रात
गुरु21:4722:48रात
मंगल22:4823:49रात
सूर्य23:4900:50रात
शुक्र00:5001:51रात
बुध01:5102:52रात
चंद्र02:5203:53रात
शनि03:5304:54रात
गुरु04:5405:55रात

अयनांश 24.2309° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।