1 नवंबर 2026 को अयोध्या का चौघड़िया

रविवार, 1 नवंबर 2026, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 1 नवंबर 2026 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (14:52 तक), नक्षत्र पुष्य (04:30, 2 नव॰ तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 06:10 पर और सूर्यास्त 17:18 पर है। राहुकाल 15:55 से 17:18 तक है।

दिन और रात
दिन 06:10 – 17:18
रात 06:11 तक
तिथि
सप्तमी, 14:52 तक
अष्टमी
नक्षत्र
पुष्य, 04:30 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:10 – 07:34टालें
चर07:34 – 08:57सामान्य
लाभ08:57 – 10:21शुभ
अमृत10:21 – 11:44शुभ
काल11:44 – 13:08टालें
शुभ13:08 – 14:31शुभ
रोग14:31 – 15:55टालें
उद्वेग15:55 – 17:18टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:18 – 18:55शुभ
अमृत18:55 – 20:31शुभ
चर20:31 – 22:08सामान्य
रोग22:08 – 23:44टालें
काल23:44 – 01:21टालें
लाभ01:21 – 02:58शुभ
उद्वेग02:58 – 04:34टालें
शुभ04:34 – 06:11शुभ

1 नवंबर 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 14:52 तक
कृष्ण अष्टमी 13:10, 2 नव॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 04:30, 2 नव॰ तक
आश्लेषा 03:46, 3 नव॰ तक
योग
साध्य 14:39 तक
शुभ 12:06, 2 नव॰ तक
करण
बव 14:52 तक
बालव 01:58, 2 नव॰ तक
कौलव 13:10, 2 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:10
सूर्यास्त
17:18
चंद्रोदय
23:18
चंद्रास्त
12:22
दिनमान
11h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:27 – 05:19
अभिजीत मुहूर्त
11:22 – 12:06

अशुभ समय

राहुकाल
15:55 – 17:18
यमगंड
11:44 – 13:08
गुलिक काल
14:31 – 15:55

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:1007:06दिन
शुक्र07:0608:01दिन
बुध08:0108:57दिन
चंद्र08:5709:53दिन
शनि09:5310:48दिन
गुरु10:4811:44दिन
मंगल11:4412:40दिन
सूर्य12:4013:35दिन
शुक्र13:3514:31दिन
बुध14:3115:27दिन
चंद्र15:2716:22दिन
शनि16:2217:18दिन
गुरु17:1818:22रात
मंगल18:2219:27रात
सूर्य19:2720:31रात
शुक्र20:3121:36रात
बुध21:3622:40रात
चंद्र22:4023:44रात
शनि23:4400:49रात
गुरु00:4901:53रात
मंगल01:5302:58रात
सूर्य02:5804:02रात
शुक्र04:0205:06रात
बुध05:0606:11रात

अयनांश 24.2319° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।