6 दिसंबर 2026 को अयोध्या का चौघड़िया

रविवार, 6 दिसंबर 2026, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 6 दिसंबर 2026 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (02:22, 7 दिस॰ तक), नक्षत्र स्वाति (13:38 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:36 पर और सूर्यास्त 17:07 पर है। राहुकाल 15:49 से 17:07 तक है।

दिन और रात
दिन 06:36 – 17:07
रात 06:36 तक
तिथि
त्रयोदशी, 02:22 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
स्वाति, 13:38 तक
विशाखा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 दिसंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:36 – 07:55टालें
चर07:55 – 09:14सामान्य
लाभ09:14 – 10:33शुभ
अमृत10:33 – 11:52शुभ
काल11:52 – 13:11टालें
शुभ13:11 – 14:30शुभ
रोग14:30 – 15:49टालें
उद्वेग15:49 – 17:07टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:07 – 18:49शुभ
अमृत18:49 – 20:30शुभ
चर20:30 – 22:11सामान्य
रोग22:11 – 23:52टालें
काल23:52 – 01:33टालें
लाभ01:33 – 03:14शुभ
उद्वेग03:14 – 04:55टालें
शुभ04:55 – 06:36शुभ

6 दिसंबर 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 02:22, 7 दिस॰ तक
कृष्ण चतुर्दशी 04:13, 8 दिस॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 13:38 तक
विशाखा 15:48, 7 दिस॰ तक
योग
शोभन 07:41 तक
अतिगंडअशुभ 07:46, 7 दिस॰ तक
करण
गर 13:34 तक
वणिज 02:22, 7 दिस॰ तक
विष्टि (भद्रा) 15:15, 7 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:36
सूर्यास्त
17:07
चंद्रोदय
04:04
चंद्रास्त
14:58
दिनमान
10h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:48 – 05:42
अभिजीत मुहूर्त
11:30 – 12:13

अशुभ समय

राहुकाल
15:49 – 17:07
यमगंड
11:52 – 13:11
गुलिक काल
14:30 – 15:49

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:3607:28दिन
शुक्र07:2808:21दिन
बुध08:2109:14दिन
चंद्र09:1410:06दिन
शनि10:0610:59दिन
गुरु10:5911:52दिन
मंगल11:5212:44दिन
सूर्य12:4413:37दिन
शुक्र13:3714:30दिन
बुध14:3015:22दिन
चंद्र15:2216:15दिन
शनि16:1517:07दिन
गुरु17:0718:15रात
मंगल18:1519:22रात
सूर्य19:2220:30रात
शुक्र20:3021:37रात
बुध21:3722:44रात
चंद्र22:4423:52रात
शनि23:5200:59रात
गुरु00:5902:07रात
मंगल02:0703:14रात
सूर्य03:1404:22रात
शुक्र04:2205:29रात
बुध05:2906:36रात

अयनांश 24.2332° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।