20 अप्रैल 2027 को अयोध्या का चौघड़िया

मंगलवार, 20 अप्रैल 2027, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 20 अप्रैल 2027 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (03:57, 21 अप्रैल तक), नक्षत्र चित्रा (04:28, 21 अप्रैल तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 05:33 पर और सूर्यास्त 18:27 पर है। राहुकाल 15:14 से 16:50 तक है।

दिन और रात
दिन 05:33 – 18:27
रात 05:32 तक
तिथि
पूर्णिमा, 03:57 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
चित्रा, 04:28 तक
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:33 – 07:09टालें
उद्वेग07:09 – 08:46टालें
चर08:46 – 10:23सामान्य
लाभ10:23 – 12:00शुभ
अमृत12:00 – 13:37शुभ
काल13:37 – 15:14टालें
शुभ15:14 – 16:50शुभ
रोग16:50 – 18:27टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:27 – 19:50टालें
लाभ19:50 – 21:13शुभ
उद्वेग21:13 – 22:36टालें
शुभ22:36 – 23:59शुभ
अमृत23:59 – 01:23शुभ
चर01:23 – 02:46सामान्य
रोग02:46 – 04:09टालें
काल04:09 – 05:32टालें

20 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
पूर्णिमा 03:57, 21 अप्रैल तक
कृष्ण प्रतिपदा 03:30, 22 अप्रैल तक
नक्षत्र
चित्रा 04:28, 21 अप्रैल तक
स्वाति 04:44, 22 अप्रैल तक
योग
हर्षण 17:47 तक
वज्रअशुभ 16:10, 21 अप्रैल तक
करण
विष्टि (भद्रा) 16:21 तक
बव 03:57, 21 अप्रैल तक
बालव 15:40, 21 अप्रैल तक
चंद्र राशि
कन्या 16:31 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:33
सूर्यास्त
18:27
चंद्रोदय
18:03
चंद्रास्त
04:45
दिनमान
12h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:04 – 04:48
अभिजीत मुहूर्त
11:34 – 12:26

अशुभ समय

राहुकाल
15:14 – 16:50
यमगंड
08:46 – 10:23
गुलिक काल
12:00 – 13:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:3306:37दिन
सूर्य06:3707:42दिन
शुक्र07:4208:46दिन
बुध08:4609:51दिन
चंद्र09:5110:55दिन
शनि10:5512:00दिन
गुरु12:0013:04दिन
मंगल13:0414:09दिन
सूर्य14:0915:14दिन
शुक्र15:1416:18दिन
बुध16:1817:23दिन
चंद्र17:2318:27दिन
शनि18:2719:23रात
गुरु19:2320:18रात
मंगल20:1821:13रात
सूर्य21:1322:09रात
शुक्र22:0923:04रात
बुध23:0423:59रात
चंद्र23:5900:55रात
शनि00:5501:50रात
गुरु01:5002:46रात
मंगल02:4603:41रात
सूर्य03:4104:36रात
शुक्र04:3605:32रात

अयनांश 24.2384° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।