4 सितंबर 2027 को अयोध्या का चौघड़िया

शनिवार, 4 सितंबर 2027, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 4 सितंबर 2027 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (12:26 तक), नक्षत्र चित्रा (14:49 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 05:41 पर और सूर्यास्त 18:18 पर है। राहुकाल 08:50 से 10:25 तक है।

दिन और रात
दिन 05:41 – 18:18
रात 05:42 तक
तिथि
चतुर्थी, 12:26 तक
पंचमी
नक्षत्र
चित्रा, 14:49 तक
स्वाति
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:41 – 07:16टालें
शुभ07:16 – 08:50शुभ
रोग08:50 – 10:25टालें
उद्वेग10:25 – 12:00टालें
चर12:00 – 13:34सामान्य
लाभ13:34 – 15:09शुभ
अमृत15:09 – 16:43शुभ
काल16:43 – 18:18टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:18 – 19:44शुभ
उद्वेग19:44 – 21:09टालें
शुभ21:09 – 22:34शुभ
अमृत22:34 – 00:00शुभ
चर00:00 – 01:25सामान्य
रोग01:25 – 02:51टालें
काल02:51 – 04:16टालें
लाभ04:16 – 05:42शुभ

4 सितंबर 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 12:26 तक
शुक्ल पंचमी 11:17, 5 सित॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 14:49 तक
स्वाति 14:30, 5 सित॰ तक
योग
शुक्ल 08:14 तक
ब्रह्म 06:06, 5 सित॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 12:26 तक
बव 23:46 तक
बालव 11:17, 5 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:41
सूर्यास्त
18:18
चंद्रोदय
09:17
चंद्रास्त
20:29
दिनमान
12h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:10 – 04:56
अभिजीत मुहूर्त
11:34 – 12:25

अशुभ समय

राहुकाल
08:50 – 10:25
यमगंड
13:34 – 15:09
गुलिक काल
05:41 – 07:16

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:4106:44दिन
गुरु06:4407:47दिन
मंगल07:4708:50दिन
सूर्य08:5009:54दिन
शुक्र09:5410:57दिन
बुध10:5712:00दिन
चंद्र12:0013:03दिन
शनि13:0314:06दिन
गुरु14:0615:09दिन
मंगल15:0916:12दिन
सूर्य16:1217:15दिन
शुक्र17:1518:18दिन
बुध18:1819:15रात
चंद्र19:1520:12रात
शनि20:1221:09रात
गुरु21:0922:06रात
मंगल22:0623:03रात
सूर्य23:0300:00रात
शुक्र00:0000:57रात
बुध00:5701:54रात
चंद्र01:5402:51रात
शनि02:5103:48रात
गुरु03:4804:45रात
मंगल04:4505:42रात

अयनांश 24.2436° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।