6 सितंबर 2027 को अयोध्या का चौघड़िया

सोमवार, 6 सितंबर 2027, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 6 सितंबर 2027 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (10:58 तक), नक्षत्र विशाखा (14:59 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 05:42 पर और सूर्यास्त 18:16 पर है। राहुकाल 07:16 से 08:51 तक है।

दिन और रात
दिन 05:42 – 18:16
रात 05:43 तक
तिथि
षष्ठी, 10:58 तक
सप्तमी
नक्षत्र
विशाखा, 14:59 तक
अनुराधा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:42 – 07:16शुभ
काल07:16 – 08:51टालें
शुभ08:51 – 10:25शुभ
रोग10:25 – 11:59टालें
उद्वेग11:59 – 13:33टालें
चर13:33 – 15:07सामान्य
लाभ15:07 – 16:42शुभ
अमृत16:42 – 18:16शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:16 – 19:42सामान्य
रोग19:42 – 21:08टालें
काल21:08 – 22:33टालें
लाभ22:33 – 23:59शुभ
उद्वेग23:59 – 01:25टालें
शुभ01:25 – 02:51शुभ
अमृत02:51 – 04:17शुभ
चर04:17 – 05:43सामान्य

6 सितंबर 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 10:58 तक
शुक्ल सप्तमी 11:28, 7 सित॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 14:59 तक
अनुराधा 16:16, 7 सित॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 03:48, 7 सित॰ तक
विष्कंभअशुभ 03:36, 8 सित॰ तक
करण
तैतिल 10:58 तक
गर 23:07 तक
वणिज 11:28, 7 सित॰ तक
चंद्र राशि
तुला 08:47 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:42
सूर्यास्त
18:16
चंद्रोदय
11:21
चंद्रास्त
21:55
दिनमान
12h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:11 – 04:56
अभिजीत मुहूर्त
11:34 – 12:24

अशुभ समय

राहुकाल
07:16 – 08:51
यमगंड
10:25 – 11:59
गुलिक काल
13:33 – 15:07

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:4206:45दिन
शनि06:4507:48दिन
गुरु07:4808:51दिन
मंगल08:5109:53दिन
सूर्य09:5310:56दिन
शुक्र10:5611:59दिन
बुध11:5913:02दिन
चंद्र13:0214:05दिन
शनि14:0515:07दिन
गुरु15:0716:10दिन
मंगल16:1017:13दिन
सूर्य17:1318:16दिन
शुक्र18:1619:13रात
बुध19:1320:10रात
चंद्र20:1021:08रात
शनि21:0822:05रात
गुरु22:0523:02रात
मंगल23:0223:59रात
सूर्य23:5900:56रात
शुक्र00:5601:54रात
बुध01:5402:51रात
चंद्र02:5103:48रात
शनि03:4804:45रात
गुरु04:4505:43रात

अयनांश 24.2437° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।