23 सितंबर 2027 को अयोध्या का चौघड़िया

गुरुवार, 23 सितंबर 2027, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 23 सितंबर 2027 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (02:57, 24 सित॰ तक), नक्षत्र मृगशिरा (17:07 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 05:49 पर और सूर्यास्त 17:57 पर है। राहुकाल 13:24 से 14:55 तक है।

दिन और रात
दिन 05:49 – 17:57
रात 05:50 तक
तिथि
अष्टमी, 02:57 तक
नवमी
नक्षत्र
मृगशिरा, 17:07 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:49 – 07:20शुभ
रोग07:20 – 08:51टालें
उद्वेग08:51 – 10:22टालें
चर10:22 – 11:53सामान्य
लाभ11:53 – 13:24शुभ
अमृत13:24 – 14:55शुभ
काल14:55 – 16:26टालें
शुभ16:26 – 17:57शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:57 – 19:26शुभ
चर19:26 – 20:55सामान्य
रोग20:55 – 22:24टालें
काल22:24 – 23:53टालें
लाभ23:53 – 01:22शुभ
उद्वेग01:22 – 02:52टालें
शुभ02:52 – 04:21शुभ
अमृत04:21 – 05:50शुभ

23 सितंबर 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 02:57, 24 सित॰ तक
कृष्ण नवमी 00:55, 25 सित॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 15:58, 24 सित॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 23:35 तक
वरीयान 20:52, 24 सित॰ तक
करण
बालव 15:50 तक
कौलव 02:57, 24 सित॰ तक
तैतिल 13:59, 24 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:49
सूर्यास्त
17:57
चंद्रोदय
23:14
चंद्रास्त
12:44
दिनमान
12h 7m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:15 – 05:02
अभिजीत मुहूर्त
11:29 – 12:17

अशुभ समय

राहुकाल
13:24 – 14:55
यमगंड
05:49 – 07:20
गुलिक काल
08:51 – 10:22

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:4906:50दिन
मंगल06:5007:51दिन
सूर्य07:5108:51दिन
शुक्र08:5109:52दिन
बुध09:5210:52दिन
चंद्र10:5211:53दिन
शनि11:5312:54दिन
गुरु12:5413:54दिन
मंगल13:5414:55दिन
सूर्य14:5515:55दिन
शुक्र15:5516:56दिन
बुध16:5617:57दिन
चंद्र17:5718:56रात
शनि18:5619:56रात
गुरु19:5620:55रात
मंगल20:5521:54रात
सूर्य21:5422:54रात
शुक्र22:5423:53रात
बुध23:5300:53रात
चंद्र00:5301:52रात
शनि01:5202:52रात
गुरु02:5203:51रात
मंगल03:5104:50रात
सूर्य04:5005:50रात

अयनांश 24.2444° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।