22 सितंबर 2027 को अयोध्या का चौघड़िया

बुधवार, 22 सितंबर 2027, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 22 सितंबर 2027 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (05:52 तक), नक्षत्र रोहिणी (17:52 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 05:49 पर और सूर्यास्त 17:58 पर है। राहुकाल 11:53 से 13:24 तक है।

दिन और रात
दिन 05:49 – 17:58
रात 05:49 तक
तिथि
सप्तमी, 04:37 तक
अष्टमी
नक्षत्र
रोहिणी, 17:52 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:49 – 07:20शुभ
अमृत07:20 – 08:51शुभ
काल08:51 – 10:22टालें
शुभ10:22 – 11:53शुभ
रोग11:53 – 13:24टालें
उद्वेग13:24 – 14:56टालें
चर14:56 – 16:27सामान्य
लाभ16:27 – 17:58शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:58 – 19:27टालें
शुभ19:27 – 20:56शुभ
अमृत20:56 – 22:25शुभ
चर22:25 – 23:54सामान्य
रोग23:54 – 01:23टालें
काल01:23 – 02:51टालें
लाभ02:51 – 04:20शुभ
उद्वेग04:20 – 05:49टालें

22 सितंबर 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 05:52 तक
कृष्ण सप्तमी 04:37, 23 सित॰ तक
कृष्ण अष्टमी 02:57, 24 सित॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 17:52 तक
मृगशिरा 17:07, 23 सित॰ तक
योग
सिद्धि 01:59, 23 सित॰ तक
व्यतीपातअशुभ 23:35, 23 सित॰ तक
करण
वणिज 05:52 तक
विष्टि (भद्रा) 17:18 तक
बव 04:37, 23 सित॰ तक
बालव 15:50, 23 सित॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 05:32, 23 सित॰ तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:49
सूर्यास्त
17:58
चंद्रोदय
22:12
चंद्रास्त
11:44
दिनमान
12h 9m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:14 – 05:02
अभिजीत मुहूर्त
11:29 – 12:18 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:53 – 13:24
यमगंड
07:20 – 08:51
गुलिक काल
10:22 – 11:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:4906:50दिन
चंद्र06:5007:50दिन
शनि07:5008:51दिन
गुरु08:5109:52दिन
मंगल09:5210:53दिन
सूर्य10:5311:53दिन
शुक्र11:5312:54दिन
बुध12:5413:55दिन
चंद्र13:5514:56दिन
शनि14:5615:56दिन
गुरु15:5616:57दिन
मंगल16:5717:58दिन
सूर्य17:5818:57रात
शुक्र18:5719:56रात
बुध19:5620:56रात
चंद्र20:5621:55रात
शनि21:5522:54रात
गुरु22:5423:54रात
मंगल23:5400:53रात
सूर्य00:5301:52रात
शुक्र01:5202:51रात
बुध02:5103:51रात
चंद्र03:5104:50रात
शनि04:5005:49रात

अयनांश 24.2443° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।