26 सितंबर 2027 को अयोध्या का चौघड़िया

रविवार, 26 सितंबर 2027, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 26 सितंबर 2027 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (19:49 तक), नक्षत्र पुष्य (12:38 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 05:51 पर और सूर्यास्त 17:53 पर है। राहुकाल 16:23 से 17:53 तक है।

दिन और रात
दिन 05:51 – 17:53
रात 05:51 तक
तिथि
एकादशी, 19:49 तक
द्वादशी
नक्षत्र
पुष्य, 12:38 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:51 – 07:21टालें
चर07:21 – 08:51सामान्य
लाभ08:51 – 10:22शुभ
अमृत10:22 – 11:52शुभ
काल11:52 – 13:22टालें
शुभ13:22 – 14:53शुभ
रोग14:53 – 16:23टालें
उद्वेग16:23 – 17:53टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:53 – 19:23शुभ
अमृत19:23 – 20:53शुभ
चर20:53 – 22:22सामान्य
रोग22:22 – 23:52टालें
काल23:52 – 01:22टालें
लाभ01:22 – 02:52शुभ
उद्वेग02:52 – 04:21टालें
शुभ04:21 – 05:51शुभ

26 सितंबर 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 19:49 तक
कृष्ण द्वादशी 16:55, 27 सित॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 12:38 तक
आश्लेषा 10:33, 27 सित॰ तक
योग
शिव 14:35 तक
सिद्ध 11:07, 27 सित॰ तक
करण
बव 09:12 तक
बालव 19:49 तक
कौलव 06:24, 27 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:51
सूर्यास्त
17:53
चंद्रोदय
01:29
चंद्रास्त
15:15
दिनमान
12h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:15 – 05:03
अभिजीत मुहूर्त
11:28 – 12:16

अशुभ समय

राहुकाल
16:23 – 17:53
यमगंड
11:52 – 13:22
गुलिक काल
14:53 – 16:23

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:5106:51दिन
शुक्र06:5107:51दिन
बुध07:5108:51दिन
चंद्र08:5109:52दिन
शनि09:5210:52दिन
गुरु10:5211:52दिन
मंगल11:5212:52दिन
सूर्य12:5213:52दिन
शुक्र13:5214:53दिन
बुध14:5315:53दिन
चंद्र15:5316:53दिन
शनि16:5317:53दिन
गुरु17:5318:53रात
मंगल18:5319:53रात
सूर्य19:5320:53रात
शुक्र20:5321:53रात
बुध21:5322:52रात
चंद्र22:5223:52रात
शनि23:5200:52रात
गुरु00:5201:52रात
मंगल01:5202:52रात
सूर्य02:5203:52रात
शुक्र03:5204:51रात
बुध04:5105:51रात

अयनांश 24.2445° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।