6 नवंबर 2027 को अयोध्या का चौघड़िया

शनिवार, 6 नवंबर 2027, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 6 नवंबर 2027 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (02:50, 7 नव॰ तक), नक्षत्र श्रवण (21:26 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 06:13 पर और सूर्यास्त 17:15 पर है। राहुकाल 08:59 से 10:21 तक है।

दिन और रात
दिन 06:13 – 17:15
रात 06:14 तक
तिथि
अष्टमी, 02:50 तक
नवमी
नक्षत्र
श्रवण, 21:26 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 नवंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:13 – 07:36टालें
शुभ07:36 – 08:59शुभ
रोग08:59 – 10:21टालें
उद्वेग10:21 – 11:44टालें
चर11:44 – 13:07सामान्य
लाभ13:07 – 14:30शुभ
अमृत14:30 – 15:52शुभ
काल15:52 – 17:15टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:15 – 18:52शुभ
उद्वेग18:52 – 20:30टालें
शुभ20:30 – 22:07शुभ
अमृत22:07 – 23:45शुभ
चर23:45 – 01:22सामान्य
रोग01:22 – 02:59टालें
काल02:59 – 04:37टालें
लाभ04:37 – 06:14शुभ

6 नवंबर 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 02:50, 7 नव॰ तक
शुक्ल नवमी 05:24, 8 नव॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 21:26 तक
धनिष्ठा 00:30, 8 नव॰ तक
योग
गंडअशुभ 21:53 तक
वृद्धि 22:50, 7 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 13:30 तक
बव 02:50, 7 नव॰ तक
बालव 16:09, 7 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:13
सूर्यास्त
17:15
चंद्रोदय
12:36
चंद्रास्त
23:51
दिनमान
11h 2m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:30 – 05:22
अभिजीत मुहूर्त
11:22 – 12:06

अशुभ समय

राहुकाल
08:59 – 10:21
यमगंड
13:07 – 14:30
गुलिक काल
06:13 – 07:36

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:1307:08दिन
गुरु07:0808:04दिन
मंगल08:0408:59दिन
सूर्य08:5909:54दिन
शुक्र09:5410:49दिन
बुध10:4911:44दिन
चंद्र11:4412:39दिन
शनि12:3913:34दिन
गुरु13:3414:30दिन
मंगल14:3015:25दिन
सूर्य15:2516:20दिन
शुक्र16:2017:15दिन
बुध17:1518:20रात
चंद्र18:2019:25रात
शनि19:2520:30रात
गुरु20:3021:35रात
मंगल21:3522:40रात
सूर्य22:4023:45रात
शुक्र23:4500:49रात
बुध00:4901:54रात
चंद्र01:5402:59रात
शनि02:5904:04रात
गुरु04:0405:09रात
मंगल05:0906:14रात

अयनांश 24.2460° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।