7 नवंबर 2027 को अयोध्या का चौघड़िया

रविवार, 7 नवंबर 2027, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 7 नवंबर 2027 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (05:24, 8 नव॰ तक), नक्षत्र धनिष्ठा (00:30, 8 नव॰ तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:14 पर और सूर्यास्त 17:14 पर है। राहुकाल 15:52 से 17:14 तक है।

दिन और रात
दिन 06:14 – 17:14
रात 06:15 तक
तिथि
नवमी, 05:24 तक
दशमी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 00:30 तक
शतभिषा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 नवंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:14 – 07:37टालें
चर07:37 – 08:59सामान्य
लाभ08:59 – 10:22शुभ
अमृत10:22 – 11:44शुभ
काल11:44 – 13:07टालें
शुभ13:07 – 14:29शुभ
रोग14:29 – 15:52टालें
उद्वेग15:52 – 17:14टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:14 – 18:52शुभ
अमृत18:52 – 20:29शुभ
चर20:29 – 22:07सामान्य
रोग22:07 – 23:45टालें
काल23:45 – 01:22टालें
लाभ01:22 – 03:00शुभ
उद्वेग03:00 – 04:37टालें
शुभ04:37 – 06:15शुभ

7 नवंबर 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल नवमी 05:24, 8 नव॰ तक
शुक्ल दशमी 07:35, 9 नव॰ तक
नक्षत्र
धनिष्ठा 00:30, 8 नव॰ तक
शतभिषा 03:14, 9 नव॰ तक
योग
वृद्धि 22:50 तक
ध्रुव 23:32, 8 नव॰ तक
करण
बालव 16:09 तक
कौलव 05:24, 8 नव॰ तक
तैतिल 18:33, 8 नव॰ तक
चंद्र राशि
मकर 10:59 तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:14
सूर्यास्त
17:14
चंद्रोदय
13:08
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
11h 0m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:30 – 05:22
अभिजीत मुहूर्त
11:22 – 12:06

अशुभ समय

राहुकाल
15:52 – 17:14
यमगंड
11:44 – 13:07
गुलिक काल
14:29 – 15:52

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:1407:09दिन
शुक्र07:0908:04दिन
बुध08:0408:59दिन
चंद्र08:5909:54दिन
शनि09:5410:49दिन
गुरु10:4911:44दिन
मंगल11:4412:39दिन
सूर्य12:3913:34दिन
शुक्र13:3414:29दिन
बुध14:2915:24दिन
चंद्र15:2416:19दिन
शनि16:1917:14दिन
गुरु17:1418:19रात
मंगल18:1919:24रात
सूर्य19:2420:29रात
शुक्र20:2921:34रात
बुध21:3422:40रात
चंद्र22:4023:45रात
शनि23:4500:50रात
गुरु00:5001:55रात
मंगल01:5503:00रात
सूर्य03:0004:05रात
शुक्र04:0505:10रात
बुध05:1006:15रात

अयनांश 24.2461° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।