24 नवंबर 2027 को अयोध्या का चौघड़िया

बुधवार, 24 नवंबर 2027, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 24 नवंबर 2027 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (12:11 तक), नक्षत्र हस्त (18:53 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:27 पर और सूर्यास्त 17:08 पर है। राहुकाल 11:47 से 13:07 तक है।

दिन और रात
दिन 06:27 – 17:08
रात 06:27 तक
तिथि
एकादशी, 12:11 तक
द्वादशी
नक्षत्र
हस्त, 18:53 तक
चित्रा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 नवंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:27 – 07:47शुभ
अमृत07:47 – 09:07शुभ
काल09:07 – 10:27टालें
शुभ10:27 – 11:47शुभ
रोग11:47 – 13:07टालें
उद्वेग13:07 – 14:27टालें
चर14:27 – 15:48सामान्य
लाभ15:48 – 17:08शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:08 – 18:48टालें
शुभ18:48 – 20:28शुभ
अमृत20:28 – 22:08शुभ
चर22:08 – 23:47सामान्य
रोग23:47 – 01:27टालें
काल01:27 – 03:07टालें
लाभ03:07 – 04:47शुभ
उद्वेग04:47 – 06:27टालें

24 नवंबर 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 12:11 तक
कृष्ण द्वादशी 10:51, 25 नव॰ तक
नक्षत्र
हस्त 18:53 तक
चित्रा 18:17, 25 नव॰ तक
योग
प्रीति 11:40 तक
आयुष्मान 09:23, 25 नव॰ तक
करण
बालव 12:11 तक
कौलव 23:29 तक
तैतिल 10:51, 25 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:27
सूर्यास्त
17:08
चंद्रोदय
02:29
चंद्रास्त
14:14
दिनमान
10h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:40 – 05:33
अभिजीत मुहूर्त
11:26 – 12:08 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:47 – 13:07
यमगंड
07:47 – 09:07
गुलिक काल
10:27 – 11:47

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:2707:20दिन
चंद्र07:2008:13दिन
शनि08:1309:07दिन
गुरु09:0710:00दिन
मंगल10:0010:54दिन
सूर्य10:5411:47दिन
शुक्र11:4712:41दिन
बुध12:4113:34दिन
चंद्र13:3414:27दिन
शनि14:2715:21दिन
गुरु15:2116:14दिन
मंगल16:1417:08दिन
सूर्य17:0818:14रात
शुक्र18:1419:21रात
बुध19:2120:28रात
चंद्र20:2821:34रात
शनि21:3422:41रात
गुरु22:4123:47रात
मंगल23:4700:54रात
सूर्य00:5402:01रात
शुक्र02:0103:07रात
बुध03:0704:14रात
चंद्र04:1405:21रात
शनि05:2106:27रात

अयनांश 24.2467° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।