26 नवंबर 2027 को अयोध्या का चौघड़िया

शुक्रवार, 26 नवंबर 2027, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 26 नवंबर 2027 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (09:48 तक), नक्षत्र स्वाति (17:59 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:28 पर और सूर्यास्त 17:07 पर है। राहुकाल 10:28 से 11:48 तक है।

दिन और रात
दिन 06:28 – 17:07
रात 06:29 तक
तिथि
त्रयोदशी, 09:48 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
स्वाति, 17:59 तक
विशाखा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 नवंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:28 – 07:48सामान्य
लाभ07:48 – 09:08शुभ
अमृत09:08 – 10:28शुभ
काल10:28 – 11:48टालें
शुभ11:48 – 13:08शुभ
रोग13:08 – 14:28टालें
उद्वेग14:28 – 15:47टालें
चर15:47 – 17:07सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:07 – 18:48टालें
काल18:48 – 20:28टालें
लाभ20:28 – 22:08शुभ
उद्वेग22:08 – 23:48टालें
शुभ23:48 – 01:28शुभ
अमृत01:28 – 03:08शुभ
चर03:08 – 04:49सामान्य
रोग04:49 – 06:29टालें

26 नवंबर 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 09:48 तक
कृष्ण चतुर्दशी 09:07, 27 नव॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 17:59 तक
विशाखा 18:05, 27 नव॰ तक
योग
सौभाग्य 07:19 तक
शोभन 05:32, 27 नव॰ तक
अतिगंडअशुभ 04:06, 28 नव॰ तक
करण
वणिज 09:48 तक
विष्टि (भद्रा) 21:24 तक
शकुनि 09:07, 27 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:28
सूर्यास्त
17:07
चंद्रोदय
04:32
चंद्रास्त
15:31
दिनमान
10h 39m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:41 – 05:35
अभिजीत मुहूर्त
11:26 – 12:09

अशुभ समय

राहुकाल
10:28 – 11:48
यमगंड
14:28 – 15:47
गुलिक काल
07:48 – 09:08

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:2807:21दिन
बुध07:2108:15दिन
चंद्र08:1509:08दिन
शनि09:0810:01दिन
गुरु10:0110:54दिन
मंगल10:5411:48दिन
सूर्य11:4812:41दिन
शुक्र12:4113:34दिन
बुध13:3414:28दिन
चंद्र14:2815:21दिन
शनि15:2116:14दिन
गुरु16:1417:07दिन
मंगल17:0718:14रात
सूर्य18:1419:21रात
शुक्र19:2120:28रात
बुध20:2821:35रात
चंद्र21:3522:41रात
शनि22:4123:48रात
गुरु23:4800:55रात
मंगल00:5502:02रात
सूर्य02:0203:08रात
शुक्र03:0804:15रात
बुध04:1505:22रात
चंद्र05:2206:29रात

अयनांश 24.2468° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।