28 नवंबर 2027 को अयोध्या का चौघड़िया

रविवार, 28 नवंबर 2027, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 28 नवंबर 2027 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (08:54 तक), नक्षत्र अनुराधा (18:40 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:30 पर और सूर्यास्त 17:07 पर है। राहुकाल 15:47 से 17:07 तक है।

दिन और रात
दिन 06:30 – 17:07
रात 06:30 तक
तिथि
प्रतिपदा
नक्षत्र
अनुराधा, 18:40 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 नवंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:30 – 07:49टालें
चर07:49 – 09:09सामान्य
लाभ09:09 – 10:29शुभ
अमृत10:29 – 11:48शुभ
काल11:48 – 13:08टालें
शुभ13:08 – 14:28शुभ
रोग14:28 – 15:47टालें
उद्वेग15:47 – 17:07टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:07 – 18:48शुभ
अमृत18:48 – 20:28शुभ
चर20:28 – 22:08सामान्य
रोग22:08 – 23:49टालें
काल23:49 – 01:29टालें
लाभ01:29 – 03:10शुभ
उद्वेग03:10 – 04:50टालें
शुभ04:50 – 06:30शुभ

28 नवंबर 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
अमावस्या 08:54 तक
शुक्ल प्रतिपदा 09:13, 29 नव॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 19:47, 29 नव॰ तक
योग
सुकर्मा 03:04, 29 नव॰ तक
धृति 02:30, 30 नव॰ तक
करण
नाग 08:54 तक
किंस्तुघ्न 20:59 तक
बव 09:13, 29 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:30
सूर्यास्त
17:07
चंद्रोदय
06:36
चंद्रास्त
17:06
दिनमान
10h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:43 – 05:36
अभिजीत मुहूर्त
11:27 – 12:10

अशुभ समय

राहुकाल
15:47 – 17:07
यमगंड
11:48 – 13:08
गुलिक काल
14:28 – 15:47

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:3007:23दिन
शुक्र07:2308:16दिन
बुध08:1609:09दिन
चंद्र09:0910:02दिन
शनि10:0210:55दिन
गुरु10:5511:48दिन
मंगल11:4812:42दिन
सूर्य12:4213:35दिन
शुक्र13:3514:28दिन
बुध14:2815:21दिन
चंद्र15:2116:14दिन
शनि16:1417:07दिन
गुरु17:0718:14रात
मंगल18:1419:21रात
सूर्य19:2120:28रात
शुक्र20:2821:35रात
बुध21:3522:42रात
चंद्र22:4223:49रात
शनि23:4900:56रात
गुरु00:5602:03रात
मंगल02:0303:10रात
सूर्य03:1004:16रात
शुक्र04:1605:23रात
बुध05:2306:30रात

अयनांश 24.2469° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।