9 जनवरी 2028 को अयोध्या का चौघड़िया

रविवार, 9 जनवरी 2028, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 9 जनवरी 2028 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (17:56 तक), नक्षत्र रोहिणी (02:06, 10 जन॰ तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:51 पर और सूर्यास्त 17:24 पर है। राहुकाल 16:05 से 17:24 तक है।

दिन और रात
दिन 06:51 – 17:24
रात 06:51 तक
तिथि
द्वादशी, 17:56 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
रोहिणी, 02:06 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:51 – 08:10टालें
चर08:10 – 09:29सामान्य
लाभ09:29 – 10:48शुभ
अमृत10:48 – 12:08शुभ
काल12:08 – 13:27टालें
शुभ13:27 – 14:46शुभ
रोग14:46 – 16:05टालें
उद्वेग16:05 – 17:24टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:24 – 19:05शुभ
अमृत19:05 – 20:46शुभ
चर20:46 – 22:27सामान्य
रोग22:27 – 00:08टालें
काल00:08 – 01:48टालें
लाभ01:48 – 03:29शुभ
उद्वेग03:29 – 05:10टालें
शुभ05:10 – 06:51शुभ

9 जनवरी 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 17:56 तक
शुक्ल त्रयोदशी 15:36, 10 जन॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 02:06, 10 जन॰ तक
मृगशिरा 00:15, 11 जन॰ तक
योग
शुभ 07:49 तक
शुक्ल 04:56, 10 जन॰ तक
ब्रह्म 01:36, 11 जन॰ तक
करण
बव 06:51 तक
बालव 17:56 तक
कौलव 04:51, 10 जन॰ तक
तैतिल 15:36, 10 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:51
सूर्यास्त
17:24
चंद्रोदय
14:24
चंद्रास्त
03:50
दिनमान
10h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:03 – 05:57
अभिजीत मुहूर्त
11:46 – 12:29

अशुभ समय

राहुकाल
16:05 – 17:24
यमगंड
12:08 – 13:27
गुलिक काल
14:46 – 16:05

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:5107:44दिन
शुक्र07:4408:36दिन
बुध08:3609:29दिन
चंद्र09:2910:22दिन
शनि10:2211:15दिन
गुरु11:1512:08दिन
मंगल12:0813:00दिन
सूर्य13:0013:53दिन
शुक्र13:5314:46दिन
बुध14:4615:39दिन
चंद्र15:3916:32दिन
शनि16:3217:24दिन
गुरु17:2418:32रात
मंगल18:3219:39रात
सूर्य19:3920:46रात
शुक्र20:4621:53रात
बुध21:5323:00रात
चंद्र23:0000:08रात
शनि00:0801:15रात
गुरु01:1502:22रात
मंगल02:2203:29रात
सूर्य03:2904:36रात
शुक्र04:3605:44रात
बुध05:4406:51रात

अयनांश 24.2485° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।